जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के आयोजन पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है। न्यायालय ने 25 मार्च 2025 को जारी अपने स्थगन आदेश को वापस लेते हुए आयोग को मुख्य परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी है। इससे लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरक्षण, मेरिट और माइग्रेशन नीति से जुड़े विवादों पर सुनवाई जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित की गई है और अंतिम निर्णय तक परीक्षा से संबंधित सभी प्रक्रियाएं न्यायालय के अंतिम आदेश के अधीन रहेंगी।
प्रारंभिक परीक्षा के नियमों को दी गई चुनौती
याचिकाओं में मुख्य रूप से आयोग द्वारा प्रारंभिक परीक्षा के वर्गवार कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं करने के निर्णय को चुनौती दी गई है। इसके अलावा, आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों को अनारक्षित पदों पर समायोजित नहीं किए जाने तथा आयु सीमा में छूट प्राप्त उम्मीदवारों के अनारक्षित वर्ग में माइग्रेशन से जुड़े प्रावधानों की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
अब जल्द घोषित हो सकती हैं मुख्य परीक्षा की तारीखें
हाईकोर्ट द्वारा रोक हटाए जाने के बाद अब एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा-2025 की नई तिथियों की घोषणा कर सकता है। इससे परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की अनिश्चितता समाप्त होगी और उनका कीमती समय भी बच सकेगा। वहीं, आरक्षण और चयन प्रक्रिया से जुड़े कानूनी मुद्दों पर अंतिम फैसला न्यायालय की आगामी सुनवाई के बाद होगा।


