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Jabalpur
July 5, 2026
सी टाइम्स
इनसाइट टुडे

नाबालिग गर्भपात मामले में कथित महिला डॉक्टर के घर पहुंची पुलिस, नहीं मिली; परिजनों को दो दिन का नोटिस


29 दिन बाद जांच पहुंची क्लीनिक तक, पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई; देरी और जांच की गति पर अब भी उठ रहे सवाल
सिवनी/बादलपार  : – नाबालिग गर्भपात मामले में पुलिस जांच अब उस महिला तक पहुंची है, जिस पर पीड़िता को गर्भपात की दवा देने का आरोप है। घटना के 29 दिन से अधिक समय बीतने के बाद बादलपार पुलिस चौकी की टीम महिला पुलिस के साथ ग्राम बादलपार के विमल टेकरी स्थित क्लीनिक पहुंची, लेकिन संबंधित महिला वहां नहीं मिली। पुलिस ने उसके परिजनों को दो दिन के भीतर उसे जांच में उपस्थित कराने का नोटिस दिया है।
पुलिस के अनुसार, 14 वर्षीय पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसने विमल टेकरी स्थित एक महिला से गर्भपात की दवा ली थी। दवा लेने के दो-तीन दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। पहले उसे ग्वारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल सिवनी रेफर किया गया। उपचार के दौरान मामला सामने आने पर पुलिस ने जांच शुरू की और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
बादलपार चौकी प्रभारी इंजन सिंह मर्सकोले ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर महिला पुलिस के साथ क्लीनिक पहुंचकर जांच की गई, लेकिन संबंधित महिला नहीं मिली। परिजनों को दो दिन के भीतर उसे उपस्थित कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, विमल टेकरी स्थित उक्त क्लीनिक का संचालन तबस्सुम खान द्वारा किया जाता है।
जांच में हुई देरी के संबंध में चौकी प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक विवेचना कुरई थाना के तत्कालीन जांच अधिकारी कर रहे थे। उनके बाहर रहने तथा पीड़िता की अस्वस्थता के कारण बयान दर्ज करने में विलंब हुआ। अब मामले की जांच बादलपार चौकी स्तर पर की जा रही है।
अब भी कायम हैं कई सवाल
हालांकि पुलिस की टीम अब कथित महिला तक पहुंची है, लेकिन कार्रवाई में करीब 29 दिन की देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पीड़िता के बयान में महिला का उल्लेख पहले से था, तो उसके विरुद्ध जांच और पूछताछ समय रहते क्यों नहीं की गई? मामले में कुरई थाना एवं बादलपार चौकी से लगातार कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन अब तक संबंधित महिला के विरुद्ध कोई स्पष्ट कानूनी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद पुलिस संबंधित महिला से पूछताछ कर कानूनी कार्रवाई करती है या नहीं। जांच की निष्पक्षता और समयबद्धता को लेकर लोगों की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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