उगली- मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित ‘वन सेफ क्लिक’ साइबर सुरक्षा अभियान के तहत उगली पुलिस द्वारा आमजन को साइबर अपराधों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में थाना प्रभारी दयाराम शरणागत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उगली बस स्टैंड स्थित यात्री प्रतीक्षालय के सामने जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र के ग्रामीणों, यात्रियों एवं नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए।
इस दौरान पुलिस ने लोगों को बताया कि वर्तमान समय में स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है। फर्जी कॉल, बैंक अधिकारी बनकर फोन करना, ओटीपी मांगना, केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक भेजना, एनीडेस्क जैसे ऐप डाउनलोड कराना तथा सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी पर भारी पड़ सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड की जानकारी, सीवीवी, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी की घटना होती है तो बिना समय गंवाए तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं तथा नजदीकी पुलिस थाने में भी इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में 24 जून से 8 जुलाई तक 15 दिवसीय ‘वन सेफ क्लिक’ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एवं थाना प्रभारियों को आमजन के बीच पहुंचकर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
उगली थाना प्रभारी दयाराम शरणागत के पदभार ग्रहण करने के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता लगातार देखने को मिल रही है। पुलिस टीम स्कूलों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायत भवनों, बाजारों तथा चौक-चौराहों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बता रही है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान समय की आवश्यकता हैं और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।


