जबलपुर। शहर में पहली बार आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन “जबलपुर हेमेटोलॉजी एंड ऑन्कोलॉजी अपडेट-2026” का सफल समापन हुआ। सम्मेलन में देशभर के अग्रणी रक्त एवं कैंसर रोग विशेषज्ञों ने एनीमिया, सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, थ्रोम्बोसिस सहित विभिन्न रक्त संबंधी रोगों के शीघ्र निदान और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा की।
एक निजी होटल में आयोजित इस सम्मेलन का नेतृत्व वरिष्ठ हेमेटोलॉजिस्ट एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. आशीष गुप्ता ने किया। सम्मेलन में मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु सहित देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, प्रिसीजन मेडिसिन और नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर व्याख्यान दिए। साथ ही बोन मैरो बायोप्सी, हेमेटोपैथोलॉजी स्लाइड डिस्कशन और प्रैक्टिकल हेमेटोलॉजी कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।
आईएमए, एपीआई, जेओजीएस, आईएपी और आईडीए सहित विभिन्न चिकित्सा संगठनों के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज सहित आसपास के मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टरों तथा लगभग 200 किलोमीटर के दायरे से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। करीब 300 प्रतिनिधि और 10 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ फैकल्टी इस सम्मेलन से जुड़े।
डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया कि हेमेटोलॉजी चिकित्सा विज्ञान की तेजी से बदलती शाखा है, जहां नई उपचार पद्धतियां और आधुनिक जांच तकनीकें लगातार विकसित हो रही हैं। ऐसे वैज्ञानिक सम्मेलनों का उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय उपचार मानकों और शोध से अवगत कराना है, ताकि मरीजों को समय पर अधिक प्रभावी, सुरक्षित और विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर सीखना और स्वयं को अपडेट रखना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिससे विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों को रक्त विकारों के बेहतर प्रबंधन और उपचार की नवीनतम जानकारी प्राप्त हो सके।


