July 7, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

19 दिनों से बंद पड़ा नगर पालिका का पेयजल पंप, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग


दीनदयाल रसोई, पुलिस लाइन और वार्डवासियों की प्यास पर भारी नगर पालिका की संवेदनहीनता, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
अनूपपुर। नगर पालिका परिषद अनूपपुर की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर के पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित पेयजल पंप पिछले 19 दिनों से खराब पड़ा हुआ है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक उसकी मोटर सुधारने या नई मोटर लगाने की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी। परिणामस्वरूप दीनदयाल रसोई, पुलिस लाइन तथा आसपास के वार्डों के सैकड़ों नागरिक पेयजल संकट से जूझने को मजबूर हैं।
पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोग प्रतिदिन इधर-उधर भटक रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी उन गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को हो रही है जो दीनदयाल रसोई में भोजन करने आते हैं। वहीं पुलिस लाइन के कर्मचारी एवं आसपास के वार्डों के रहवासी भी पिछले कई दिनों से पेयजल की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि कई बार नगर पालिका को सूचना देने और शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि किसी वीआईपी क्षेत्र में ऐसी स्थिति होती तो संभवतः कुछ ही घंटों में व्यवस्था बहाल कर दी जाती, लेकिन आम नागरिकों की परेशानी को लेकर नगर पालिका प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। 19 दिनों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू न होना नगर पालिका की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
शहरवासियों का कहना है कि नगर पालिका का पहला दायित्व नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि सबसे बुनियादी सुविधा ही लोगों को नहीं मिल पा रही है। बरसात के मौसम में भी पेयजल संकट बना रहना यह दर्शाता है कि नगर पालिका की प्राथमिकताओं में आम जनता की समस्याएं कहीं पीछे छूट गई हैं।
नागरिकों ने नगर पालिका अध्यक्ष एवं जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल खराब मोटर को बदलकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उन्हें जनआंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।आखिर 19 दिनों तक एक खराब मोटर क्यों नहीं बदली जा सकी?क्या आम जनता की समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित रह गया है?आखिर नगर पालिका अध्यक्ष और जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब जागेंगे?नगरवासियों का कहना है कि पेयजल कोई सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। यदि नगर पालिका समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं करती, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि आम जनता की पीड़ा के प्रति गंभीर संवेदनहीनता का भी उदाहरण माना जाएगा।

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