बालाघाट/इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट के संग्रहाध्यक्ष डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार ने गत दिवस [7/7/26] महाराष्ट्र शासन के केंद्रीय संग्रहालय नागपुर का 46 वर्ष बाद पुन: अवलोकन राजेन्द्र कुमार ब्रम्हे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण नागपुर, दिनेश कुमार नेमा के साथ किया। उक्त अवसर पर मयूर खडके संग्रहाध्यक्ष, विनायक निट्टूरकर सहायक संग्रहाध्यक्ष केंद्रीय संग्रहालय नागपुर ने पुरातत्व व वस्तु संग्रहालय में पथ-प्रदर्शित मराठा कालीन शिवाजीराव के दुर्लभ अवशेषों, तोपों, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त बालाघाट जिले के ऐतिहासिक पुरातात्विक महत्व के संग्रहित प्रतिमाओं, शिलालेखों का गहनता के साथ अवलोकन करवाया। निरीक्षण दौरान डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट ने बालाघाट जिले की पुरातात्विक महत्व के अवशेषों को
इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट में स्थानांतरित करने हेतु पूर्व पत्रों से अवगत कराया। ज्ञात हो कि केंद्रीय पुरातत्व संग्रहालय की स्थापना 1863 में नागपुर (महाराष्ट्र) में हुई। इस संग्रहालय में बालाघाट जिले के पुरातात्विक अवशेषों को संरक्षित कर रखा गया है। बालाघाट में इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय 26 जनवरी 1988 बनाया गया। जो विश्व का प्रथम संग्रहालय है, जहाँ नैरोगेज डीजल इंजन-बोगी-गार्ड स्थापित है। इसलिए वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए, नागपुर संग्रहालय में संग्रहित पुरातात्विक महत्व की प्रतिमाओं को बालाघाट (मध्यप्रदेश) में स्थानांतरित करना उचित प्रतीत होता है।


