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October 24, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

पश्चिम बंगाल: अवैध और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की समीक्षा के लिए 18 सदस्यीय समिति गठित

कोलकाता,  पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग ने राज्य के 12 जिलों में संचालित अवैध और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की पहचान के लिए चल रहे सर्वेक्षण की समीक्षा हेतु 18 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिन्हें आमतौर पर ‘खारिजी मदरसा’ कहा जाता है। जानकारी के अनुसार यह समिति 15 जुलाई से संबंधित जिलों का दौरा शुरू करेगी और 21 जुलाई तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग को सौंपेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर विभाग आगे की प्रशासनिक कार्रवाई करेगा। जिन 12 जिलों में समीक्षा की जाएगी, उनमें कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर, नदिया, हुगली, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना शामिल हैं। जून के पहले सप्ताह में राज्य सरकार ने जिला अधिकारियों (डीएम) को निर्देश जारी कर अपने-अपने जिलों में संचालित मदरसों की विस्तृत रिपोर्ट 5 जुलाई तक राज्य सचिवालय नबान्न को भेजने को कहा था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जिला अधिकारियों से प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टों के आधार पर इन 12 जिलों की पहचान की गई है, जहां बड़ी संख्या में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित होने की आशंका है। इसी वजह से अंतिम प्रशासनिक निर्णय लेने से पहले इन जिलों में दूसरी बार विस्तृत समीक्षा कराने का फैसला किया गया है। पहले जारी निर्देश में जिला अधिकारियों से प्रत्येक मदरसे की स्थापना तिथि, अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग में उसका पंजीकरण, पंजीकरण का विवरण, छात्र-छात्राओं की संख्या, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की जानकारी, मदरसा आवासीय है या नहीं तथा वहां पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।

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