जबलपुर। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आज जनपद पंचायत पनागर की ग्राम पंचायत इमलई पहुंचकर ग्रामीणों और पशुपालकों के साथ सीधा संवाद किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, एसडीएम अभिषेक सिंह भी उनके साथ थे। ग्राम सरपंच श्रीमती मीना गोंटिया भी इस मौके पर मौजूद थे। पनागर जनपद पंचायत के ग्राम इमलई का चयन क्षीर धारा ग्राम योजना के अंतर्गत किया गया है, जिसका मुख्य लक्ष्य पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
ग्रामीणों एवं पशुपालकों से संवाद के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के फलस्वरूप पशुपालन ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और आय का प्रमुख साधन बन गया है। उन्होंने बताया कि इमलई का चयन क्षीर धारा ग्राम योजना के अंतर्गत किया गया है। इस योजना का उद्देश्य दूध उत्पादन को दोगुना करना और आधुनिक तकनीक व बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। कलेक्टर ने संवाद के दौरान पशुपालकों से शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है। इस मौके पर उन्होंने पशुपालकों की कठिनाईयां भी जानी और उनका निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
संवाद के कार्यक्रम में उप संचालक पशुपालन डॉ. ज्योति तिवारी ने क्षीर धारा ग्राम योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत जबलपुर जिले के 94 ग्रामों को चुना गया है, जिसमें इमलई भी शामिल है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से पशुओं की नस्ल सुधारी जाएगी, ताकि दुग्ध उत्पादन क्षमता दोगुनी की जा सके। उप संचालक पशुपालन ने ग्रामीणों को ‘गोरस ऐप’ डाउनलोड करने की सलाह दी है, जिससे उन्हें पशुओं के खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी सटीक जानकारी मिल सके। साथ ही, हरा चारा उत्पादन और साइलेज निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
डॉ. तिवारी ने स्पष्ट किया कि पशुओं की नस्ल में सुधार से पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होगी और वे आर्थिक रूप से सक्षम बनेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस गाँव में 90 पशुपालकों के पास कुल 457 पशु (259 गायें और 257 भैंसें) हैं, जिनमें से 322 पशु प्रजनन योग्य हैं।
पशुपालकों के यहां पहुंचकर देखी व्यवस्थाएं
पशुपालकों के संवाद के बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ग्राम इमलई के ही पशुपालक धर्मदास कोरी एवं संदीप पटेल के घर पहुंचें। पशुपालक धर्मदास कोरी ने बताया कि उसके यहां 10 पशु हैं जिसमें 8 गाय एवं 2 भैंस हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने पशुपालक से दुग्घ उत्पादन और इससे होने वाली आय के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पशुओं के स्थान पर वर्मी कंपोज, पर्याप्त लाइट व्यवस्था करने के निर्देश दिए, उन्होंने पशुपालक संदीप पटेल के यहां भी व्यवस्थाएं देखकर पशुपालक को गोबर गैस प्लांट लगवाने की सलाह भी दी।


