जबलपुर। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण
कंपनी के जबलपुर ग्रामीण वृत्त अंतर्गत सिहोरा
संभाग की गोसलपुर डीसी में कार्यरत 32 वर्षीय
आउटसोर्स कर्मी सोहन दहिया की हृदयविदारक
मृत्यु हो गई है। घटनाक्रम के अनुसार 15 जुलाई
को सिमरिया गांव में लाइन फाल्ट सुधारने के
लिए जूनियर इंजीनियर के आदेश पर सोहन
दहिया को भेजा गया था। कार्य के दौरान अचानक
बिजली का जोरदार झटका लगने से वह 15 फीट
की ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। गंभीर हालत में उसे
अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान रात
2 बजे उसने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के
बाद मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी
संघ ने मृत कर्मी के आश्रित परिवार के लिए 20
लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग करते
हुए कंपनी प्रबंधन को कड़ा संदेश भेजा है।
संवेदनहीन कार्यप्रणाली पर उठ रहे गम्भीर सवाल
कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और
जूनियर इंजीनियर द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों पर
अब सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक के सहयोगियों का
कहना है कि यदि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो
यह हादसा टाला जा सकता था। सोहन दहिया की
मृत्यु के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट
पड़ा है। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि
जब तक प्रबंधन आश्रित परिवार को उचित
मुआवजा देने का ठोस आश्वासन नहीं देता, तब
तक उनका विरोध जारी रहेगा।
मृतक के परिजनों को तत्काल मिले आर्थिक
मुआवजा
संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव सहित
मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, विनोद
दास, लखन सिंह राजपूत, दशरथ शर्मा, शशि
उपाध्याय, संदीप दीपांकर, आजाद सकवार,
जगदीश मेहरा, मुकेश पटेल और राजेश शरण ने
संयुक्त रूप से मांग की है कि कंपनी प्रबंधन इस
मानवीय संकट में आगे आए। प्रतिनिधियों ने कहा
है कि आउटसोर्स कर्मियों के जीवन की सुरक्षा के
प्रति कंपनी को अधिक गंभीर होने की
आवश्यकता है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं
की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए विभाग को
तकनीकी सुधार और सुरक्षा उपकरणों की
उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। पीड़ित परिवार
की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शीघ्र वित्तीय
सहायता प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।


