जबलपुर। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने गुरुवार को प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सादगी, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सिहोरा एवं पनागर क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण 16 सीटर ट्रैवलर वाहन से किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग सरकारी वाहनों के काफिले के बजाय सभी संबंधित अधिकारियों के साथ एक ही वाहन में यात्रा कर ईंधन की बचत और सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत किया।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह कलेक्टर कार्यालय से ट्रैवलर वाहन के माध्यम से निरीक्षण के लिए रवाना हुए और दौरा समाप्त होने के बाद उसी वाहन से वापस कार्यालय पहुंचे। उनके साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत सहित लोक निर्माण, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, पंचायत, राजस्व तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने क्षेत्र में संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा, स्वीकृत योजनाओं की वर्तमान स्थिति और आम नागरिकों को मिलने वाले लाभ की जानकारी प्राप्त की। साथ ही, जहां आवश्यक था वहां कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य केवल समय पर पूरे होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि आम जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हों और उनमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
इस निरीक्षण की एक विशेष बात यह भी रही कि अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक ही वाहन में यात्रा करते हुए मौके पर ही आपसी समन्वय के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करते रहे। इससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने के साथ-साथ अनावश्यक सरकारी खर्च और ईंधन की खपत में भी कमी आई।
कलेक्टर की इस पहल को प्रशासनिक स्तर पर एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम न केवल ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली में सादगी, मितव्ययिता और बेहतर समन्वय का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है।


