जबलपुर। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आज पटवारियों के सामूहिक अवकाश का दूसरा दिन रहा। 15 जुलाई से 17 जुलाई तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश के कारण जबलपुर जिले सहित पूरे प्रदेश में राजस्व व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे नामांतरण, बंटवारा, और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण काम पूरी तरह ठप हो गए हैं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद को सौंपा ज्ञापन, हस्तक्षेप की मांग
आंदोलन के दूसरे दिन आज मध्य प्रदेश पटवारी संघ, जिला जबलपुर के पदाधिकारियों और सदस्यों ने माननीय सांसद महोदय से मुलाकात की। पटवारियों ने सांसद को अपनी पांच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और उनका ध्यान अपनी लंबे समय से लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित किया। संघ ने सांसद महोदय से आग्रह किया कि वे शासन स्तर पर इस विषय को उठाएं और मांगों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक पहल करें।
प्रमुख पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष जागेंद्र पिपररी, जिला कार्यकारी अध्यक्ष कुमारी मुक्ता चौकसे, संभाग सचिव पंकज पाठक, प्रदेश संगठन मंत्री सुनील झा सहित वरिष्ठ सदस्य नरेश दुबे, प्रभात परोहा, मुकेश मिश्रा, कैलाश उर्वेती, कपिल तिवारी, रोहित पटेल, पुष्पेंद्र अहिरवार एवं जिलेभर से आए बड़ी संख्या में पटवारी उपस्थित रहे।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
पटवारी संघ का कहना है कि जब तक हमारी पांच सूत्रीय मांगों पर सरकार द्वारा कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक संगठन पीछे नहीं हटेगा। हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।
तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश का कल (17 जुलाई) आखिरी दिन है। यदि इसके बाद भी शासन स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पटवारी संघ आगामी दिनों में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर सकता है।


