अनूपपुर । निर्वाचित नगर पालिका परिषद जहां अध्यक्ष,पार्षद एवं मनोनीत पार्षद होने के बाद भी प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी की बदौलत चल रही नगर पालिका में समस्याओं का जंजाल फैला हुआ है।उस पर नगर पालिका का ध्यान नहीं जा रहा।स्वयं पुराना नगर पालिका कार्यालय के आसपास तमाम तरह के अतिक्रमण देखे जा सकते हैं।कभी-कभी नगर पालिका के वाहन सड़कों के साइड में खड़े रहते हैं। कोतवाली के सामने एक्सीडेंट वाले वाहनों की कतार लगी रहती है।जबकि स्टेशन से कलेक्ट्रेट होते हुए कोतमा जाने वाला मुख्य मार्ग है।वहां का अतिक्रमण नगर पालिका प्रशासन को नहीं दिख रहा।
नगर पालिका का भौगोलिक नक्शा देखा जाए तो इसकी बसाहट ही सही नहीं है।अतिक्रमण हटाने के पहले नगर पालिका अध्यक्ष,पार्षद एवं मनोनीत पार्षद को बैठकर जरूरत के मुताबिक अतिक्रमण स्वयं खड़े होकर हटवाना चाहिए।अधिकारियों,कर्मचारियों के मनमाने तरीके से हटाए जा रहे अतिक्रमण पर तुरंत रोक लगाना चाहिए।अधिकारी,कर्मचारी आज है कल चले जाएंगे।लेकिन निर्वाचित जनप्रतिनिधि को यही रहना है।
देखा जा रहा है कि अतिक्रमण हट रहा है उसमें भी भेदभाव का नजारा भी देखने को मिल रहा है।गरीबों की हालत जो दो पैसे कमा कर अपना एवं अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं उन पर अतिक्रमण की गाज सबसे पहले गिरती है और पहुंच वालों को बक्श दिया जाता है। देखा जा रहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान में कहीं भी नगर पालिका अध्यक्ष उसके वार्ड के पार्षद,मनोनीत पार्षद कहीं भी नजर नहीं आते। केवल नगर पालिका के कर्मचारी,पुलिस प्रशासन एवं नगर पालिका के लेबर नजर आते हैं।जो केवल इशारा मिलते ही अपनी मनमानी दिखाना प्रारंभ कर देते हैं।यदि अतिक्रमण हटाओ अभियान में नगर पालिका अध्यक्ष एवं उस वार्ड का पार्षद स्वयं खड़े होकर सही और गलत का फैसला करें वास्तव में जो अतिक्रमण हटाने लायक है उसे हटाए।जिससे आवागमन में किसी तरह की बाधा ना आए लेकिन जबरदस्ती किसी का अतिक्रमण बेवजह न तोड़ा जाए।
साल में दो-चार बार अतिक्रमण की कार्यवाही कोई मायने नहीं रखती।अगर अतिक्रमण मुक्त करना है तो लगातार इसकी मॉनिटरिंग करें और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि उसमें अध्यक्ष,पार्षद,मनोनीत पार्षद सभी की बराबर की जिम्मेदारी है वह स्वयं अतिक्रमण करने वाले से पहले मिले,समझाएं और जब नहीं मानता कोई तो उसे अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई में शामिल करें। लेकिन मनमानी पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए एक तरफा कार्रवाई उचित नहीं कहीं जा सकती।
बारिश के मौसम पर हर किसी को परेशानी होती है इस बात का आकलन भी करना चाहिए और उस हिसाब से अतिक्रमण हटाना चाहिए।अन्यथा बारिश के मौसम में इस तरह की कार्यवाही नहीं करना चाहिए कहीं भी।
नगर पालिका ने हाल ही में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।कुछ कार्यवाही संतोषजनक थी जिसकी मांग काफी समय से की जा रही थी।नगर पालिका द्वारा पुरानी सब्जी मंडी में अवैध मछली बाजार के चबूतरे को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया यह कार्रवाई उचित थी जिसका सभी ने स्वागत किया।
नपा अनूपपुर के राजस्व निरीक्षक गौरव सिंह बघेल और अतिक्रमण प्रभारी अखिलेश सिंह चौहान के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान निरंतर प्रारंभ है।लेकिन आवश्यकता है की बारिश का मौसम को देखते हुए और जो वास्तव में जरूरत है हटाने की उसे ही हटाया जाए।
नगर पालिका अध्यक्ष,वार्ड के पार्षद एवं मनोनीत पार्षद को चाहिए कि स्वयं अतिक्रमण हटाओ अभियान दल के साथ उपस्थित रहे और सही गलत का फैसला तत्काल कर अतिक्रमण हटाए और जिनका अतिक्रमण हटाए उनको चेतावनी भी दे दी जाए की फिर से अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।अन्यथा विभाग अपने नियम के अनुसार कार्रवाई करेगा।नगर सभी का है नगर को सुव्यवस्थित रखना सभी की बराबर की जिम्मेदारी है और जो नहीं मानता है उस पर कार्यवाही होनी चाहिए उसका स्वागत है।
नगर के प्रमुख मार्ग स्टेशन से बस स्टैंड मार्ग पूरी तरह से खाली होना चाहिए।कन्या स्कूल के सामने दुनिया भर का अतिक्रमण है,वहीं कोतवाली के सामने भी जो वाहन एक्सीडेंट वाले खड़े रहते हैं इन्हें भी हटा देना चाहिए और नगर की मुख्य सड़क को पूरी तरह से क्लियर रखना चाहिए।जिससे बाहर से आने जाने वाले लोगों को भी नगर पालिका के कार्य नजर आए।
अधिकारियों ने बताया कि शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई अलग-अलग दिनों में जारी रहेगी।पूरे नगर पालिका क्षेत्र में अतिक्रमण हटाए जाएंगे ताकि नागरिकों को असुविधा न हो।दुकानदारों को इस संबंध में सख्त हिदायत दी गई है।नगरपालिका अमला देर शाम तक कार्रवाई जारी रखे हुए था।इस कार्रवाई से नगरवासियों को सड़कों पर लगने वाले अतिक्रमण से थोड़ी राहत मिली है।


