कृषि विभाग द्वारा किसानों को मृदा परीक्षण के प्रति जागरूक कर वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कटंगी विकासखंड के ग्राम बोपली में सोमवार को किसान दीदियों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों से इसके अनुरूप खेती करने का आह्वान किया।
उप संचालक श्री मालवीय ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसमें खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति तथा आवश्यक उर्वरकों की मात्रा का वैज्ञानिक विवरण होता है। इस कार्ड के आधार पर किसान अपनी फसलों के लिए संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर सकते हैं, जिससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।
उन्होंने कहा कि बिना मृदा परीक्षण के अत्यधिक या असंतुलित उर्वरकों का उपयोग मिट्टी की उर्वराशक्ति को प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक किसान को समय-समय पर अपनी भूमि की जांच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार पोषक तत्वों का प्रबंधन करना चाहिए। इससे भूमि की सेहत लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि विस्तार अमले ने किसान दीदियों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी देते हुए उसमें अंकित विवरण को समझाया। साथ ही मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, जैविक खाद के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
किसान दीदियों ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की तथा वैज्ञानिक खेती को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषक एवं बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित रहीं।


