कोलकाता, 28 जुलाई । कोलकाता पुलिस ने जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के कथित मामले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद बिजनलाल मुखर्जी के बेटे सम्राट मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उसने एक रियल एस्टेट डेवलपर को धमकाकर करीब 34 लाख रुपये वसूले थे। दक्षिण कोलकाता के कस्बा पुलिस थाने में डेवलपर की शिकायत के बाद जांच शुरू की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह मामला जुलाई के मध्य में शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार, एक स्थानीय रियल एस्टेट डेवलपर ने 18 जुलाई को पार्षद के बेटे सम्राट मुखर्जी के खिलाफ पहली शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में डेवलपर ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे धमकाकर करीब 34 लाख रुपये वसूले थे।
आरोप और शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इसके बाद उसी थाने में एक और शिकायत दर्ज की गई। कई दिनों तक चली जांच के बाद कास्बा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने सोमवार को सम्राट मुखर्जी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ जबरन वसूली और धमकी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देना चाहती है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी साफ कर दिया है कि सरकार आपराधिक और अनैतिक गतिविधियों, जिसमें जबरन वसूली जैसे मामले भी शामिल हैं, के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने) की नीति अपनाएगी। इसके बाद पुलिस ने जबरन वसूली, छेड़छाड़, धमकी और डराने-धमकाने जैसे कई अपराधों में कथित रूप से शामिल तृणमूल कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के कई पूर्व नेताओं को गिरफ्तार किया है।
सुजीत बोस, उज्ज्वल बिस्वास और उदयन गुहा जैसे नेता भ्रष्टाचार के आरोपों में फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।


