,मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
जबलपुर। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूलों में बच्चों का तिलक लगाकर और फूल बरसाकर स्वागत किया गया था, लेकिन जिले के एक सरकारी स्कूल की तस्वीर इस दावे के विपरीत नजर आई। नागपुर रोड स्थित टोल नाला से करीब एक किलोमीटर दूर बहोरीपार शासकीय एकीकृत शाला में मध्यान्ह भोजन के बाद स्कूली बच्चों से थालियां धुलवाने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार मध्यान्ह भोजन के बाद थालियां साफ करने की जिम्मेदारी स्कूल में नियुक्त हेल्पर की है। इसके बावजूद बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर लगे हैंडपंप तक जाकर अपनी थालियां धोनी पड़ रही हैं। आरोप है कि हेल्पर की नियुक्ति होने के बावजूद उससे यह कार्य नहीं कराया जा रहा है।
इतना ही नहीं, बच्चों को जर्जर घोषित भवन में ही मध्यान्ह भोजन कराया जा रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को मीडिया रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जनहित में संज्ञान लिया है। आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकल पीठ ने प्रथम दृष्टया इसे मानवाधिकार हनन का मामला माना है।
आयोग ने जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।


