कोतमा पुरानी बस्ती में हादसा, नपा ने मलबा हटाकर खतरनाक हिस्से को गिरायाअनूपपुर, । कोतमा नगर पालिका क्षेत्र की पुरानी बस्ती में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक जर्जर मकान की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। छत का मलबा सीधे नीचे खड़ी कार पर जा गिरा, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार जगदीश तिवारी के मकान की जर्जर छत का एक हिस्सा अचानक गिर गया। मकान के बाहर खड़ी कार क्रमांक एमपी 18 सीए 4582 मलबे की चपेट में आ गई। हादसे में कार का बोनट और शीशे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक वाहन मालिक को करीब 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने मलबा हटाकर रास्ता साफ कराया। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से छत के बचे हुए खतरनाक हिस्से को भी गिरा दिया गया, ताकि दोबारा किसी तरह की दुर्घटना न हो।
तीन मंजिला होटल ढहने से हो चुकी है तीन मौतें
कोतमा में जर्जर भवनों को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि यह घटना 4 अप्रैल को कोतमा बस स्टैंड स्थित तीन मंजिला होटल के ढहने की घटना से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर हुई है। उस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद शहर में जर्जर और अवैध बहुमंजिला इमारतों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद भी नगर पालिका द्वारा 50 से अधिक जर्जर और अवैध बहुमंजिला भवनों को केवल नोटिस जारी कर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी की गई। लोगों का कहना है कि इन भवनों पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो बारिश के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
13 मीटर की सीमा के बावजूद 20 मीटर तक ऊंची इमारतें
बताया जा रहा है कि शहर में निर्धारित 13 मीटर ऊंचाई सीमा के विपरीत कई स्थानों पर करीब 20 मीटर तक ऊंची पांच से छह मंजिला इमारतें खड़ी हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच इन इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जर्जर और नियमों के विपरीत बने भवनों का जल्द निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
आजाद चौक में भी जर्जर मकान का हिस्सा गिराया
घटना के बाद नगर पालिका की टीम ने आजाद चौक स्थित एक अन्य जर्जर मकान के हिस्से को भी तुड़वाया। वहीं एलआईसी कार्यालय के पास झुकी हुई बाउंड्री का निरीक्षण किया गया। नगर पालिका अधिकारियों ने जल्द आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है। कोतमा में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद अब लोगों की नजर नगर पालिका की कार्रवाई पर है। सवाल यह है कि जर्जर और खतरनाक भवनों पर केवल नोटिस तक सीमित कार्रवाई होगी या वास्तव में समय रहते उन्हें सुरक्षित कराया जाएगा।


