बारिश में खुले में उपज रखने को मजबूर किसान
जबलपुर। संभाग की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी में किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए दो दर्जन से अधिक शेड अब अपने मूल उद्देश्य से भटकते नजर आ रहे हैं। जिन शेडों का निर्माण किसानों की उपज को बारिश, धूप और धूल से सुरक्षित रखने के लिए किया गया था, वहां अब भारी वाहन खड़े किए जा रहे हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें बारिश के बीच अपनी उपज खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मंडी प्रशासन की ओर से समय-समय पर शेडों में खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन मंडी परिसर की स्थिति इन दावों की हकीकत बयां करती है। अनाज, फल, टमाटर और सब्जी मंडी विंग के कई शेडों के नीचे ट्रक और अन्य भारी वाहन खड़े मिले, जिससे किसानों के लिए उपज रखने की पर्याप्त जगह नहीं बची।
शेडों का फर्श सड़क से ऊंचा बनाया गया है ताकि बारिश का पानी और धूल फसल तक न पहुंचे, लेकिन इन्हीं प्लेटफॉर्म पर भारी वाहन चढ़ाकर पार्क किए जा रहे हैं। इससे किसानों की परेशानी बढ़ने के साथ-साथ शेडों के फर्श और किनारों को भी नुकसान पहुंच रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो सरकारी संपत्ति की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है।
अतिक्रमण ने बढ़ाई मुश्किलें
वाहनों के अलावा कई शेडों के नीचे फसल के कार्टन, खाली डिब्बे, ठेले और अन्य सामान रखकर स्थायी अतिक्रमण भी किया जा रहा है। इससे किसानों के लिए उपलब्ध स्थान और कम हो गया है। मंडी में नियमित निगरानी की जिम्मेदारी अधिकारियों पर होने के बावजूद लंबे समय से यह स्थिति बनी हुई है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।


