कृषि अधिकारियों ने किया अवलोकन
जबलपुर। जिले के विकासखंड पाटन के ग्राम महगवा के प्रगतिशील कृषक कृष्ण कुमार सिंह लोधी पिछले दो वर्षों से अपने खेत में परंपरागत फसलों से हटकर ईरानी अकरकरा की खेती कर कृषि में नवाचार को अपनाने का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती सीमा राउत, कृषि विस्तार अधिकारी इशिता श्रीवास्तव एवं देवआनंद सिंह ने कृषक कृष्ण कुमार के खेत का आज अवलोकन किया और फसल की प्रगति देखी।
कृषक कृष्ण कुमार सिंह लोधी ने कृषि अधिकारियों को बताया कि ईरानी अकरकरा एक अत्यंत मूल्यवान औषधीय फसल है।इसका उपयोग मुख्य रूप से जड़ी-बूटियों, दंत मंजन, शक्तिवर्धक दवाओं और आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण में किया जाता है। बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है।
कृष्ण कुमार के मुताबिक इस फसल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक फसलों की तुलना में पानी की खपत काफी कम होती है और कीट या बीमारियों का प्रकोप भी न के बराबर होता है। महज 6 से 8 महीने की इस फसल से पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा प्राप्त होता है।
अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ इंदिरा त्रिपाठी ने कृषक कृष्ण कुमार के प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि आज के समय में खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसानों को लीक से हटकर सोचने की जरूरत है। ईरानी अकरकरा जैसी औषधीय और नकदी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ऐसे सभी नवाचारी किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।


