जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर से प्रकृति संरक्षण और संवर्धन का संदेश लेकर संस्कार कांवड़ यात्रा एक बार फिर निकलेगी। परम पूज्य दादागुरु के सानिध्य में आयोजित होने वाली यह यात्रा सावन माह के दूसरे सोमवार 10 अगस्त को मां नर्मदा के तट बारीघाट से प्रारंभ होकर कैलाश धाम में संपन्न होगी।
आयोजकों के अनुसार संस्कार कांवड़ यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण और संवर्धन का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। यात्रा में शामिल कांवड़िए अपने कंधों पर एक ओर मां स्वरूप मां नर्मदा और दूसरी ओर पिता स्वरूप देववृक्षों की मूर्तियां लेकर चलेंगे। कैलाश धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही देववृक्षों का पौधरोपण कर प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया जाएगा।
बारीघाट से कैलाश धाम तक रहेगा यात्रा मार्ग
संस्कार कांवड़ यात्रा बारीघाट से शुरू होकर रामपुर, शास्त्री ब्रिज, श्याम टॉकीज, सराफा, घमापुर, रांझी और खमरिया होते हुए कैलाश धाम पहुंचेगी। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर कांवड़िए यात्रा पूरी करेंगे।
आयोजकों का कहना है कि संस्कारधानी के संस्कारों से फलित यह यात्रा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है। नर्मदा और देववृक्षों को प्रतीक बनाकर आयोजित की जा रही यात्रा के माध्यम से लोगों को जल, जंगल और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल होकर प्रकृति संरक्षण के इस संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया है।


