सावन के सोमवार श्री महामाया मंदिर से निकली यात्रा, महिला-पुरुषों के साथ बच्चों ने भी उठाई कावड़; मां बैनगंगा से लाए गंगाजल से किया भोलेनाथ का जलाभिषेक
नंदौरा : – सावन मास के पावन अवसर पर ग्राम नंदौरा में सोमवार को शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्री महामाया मंदिर से भोर में भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों सहित आसपास के गांवों के श्रद्धालु शामिल हुए। कावड़ियों के ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा।
मां बैनगंगा से कावड़ में लाए पवित्र जल
ग्रामीणों द्वारा आयोजित कावड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त नंगे पांव नंदौरा स्थित पतित पावनी मां बैनगंगा के घाट पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां बैनगंगा से कावड़ में पवित्र जल भरा और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए यात्रा शुरू की। कावड़ यात्रा नंदौरा के विभिन्न मार्गों से होते हुए शिव मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
त्याग, तपस्या और श्रद्धा का दिखा संगम
कंधों पर कावड़, होठों पर शिव के जयकारे और मन में अटूट आस्था लिए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ यात्रा में आगे बढ़ते रहे। डमरू की ध्वनि, शिवभक्ति के भजनों और भगवा ध्वजों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कावड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।
बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कावड़ यात्रा में बच्चों की सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। छोटे-छोटे बच्चे और बच्चियां भी कंधे पर कावड़ उठाकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए यात्रा में शामिल हुए। महिलाओं और पुरुषों के साथ बच्चों में भी शिवभक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा था। श्रद्धालुओं की आस्था देखकर स्थानीय लोग भी यात्रा में शामिल होकर कावड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।
सामाजिक एकता और धार्मिक संस्कृति का प्रतीक बनी यात्रा
नंदौरा की इस भव्य कावड़ यात्रा में गांव के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यात्रा के समापन पर श्री महामाया मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सनातन संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।


