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August 16, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

चंबल नदी में बड़ा हादसा टला, ईंधन खत्म होने से बीच धारा में फंसा स्टीमर, 40 यात्री थे सवार

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में रविवार सुबह चंबल नदी के उफान के बीच उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 35 से 40 यात्रियों को लेकर जा रहे स्टीमर का बीच नदी में ईंधन खत्म हो गया। ईंधन खत्म होने के कारण स्टीमर तेज बहाव के बीच कुछ समय तक फंसा रहा। अधिकारियों के मुताबिक, स्टीमर में यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट भी उपलब्ध नहीं थे। मुरैना कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने बताया कि स्टीमर में उत्तर प्रदेश से आए यात्री सवार थे। नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण ईंधन खत्म होने के बाद स्टीमर तेज बहाव में बेबस होकर बहने लगा।स्थानीय प्रशासन को घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल डीजल की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने स्टीमर तक डीजल पहुंचाया, जिसके बाद उसमें दोबारा ईंधन भरा गया और उसे सुरक्षित तरीके से नदी के किनारे लाया गया।

कलेक्टर के मुताबिक, स्टीमर में सवार सभी 35 से 40 लोग सुरक्षित हैं। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।अधिकारियों के अनुसार, यह स्टीमर उत्तर प्रदेश के आगरा से संचालित किया जा रहा था और इसका ऑपरेटर भी आगरा का रहने वाला है। जांच में यह भी सामने आया कि स्टीमर में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट की व्यवस्था नहीं थी। उफनती चंबल नदी में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के स्टीमर का संचालन किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।चंबल नदी का उद्गम मध्य प्रदेश की विंध्य पर्वतमाला में महू के पास जनापाव पहाड़ियों से होता है। यह नदी मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर बहती है और इटावा के पास यमुना नदी में मिल जाती है। मानसून के दौरान चंबल में जलस्तर बढ़ने के कारण नदी का बहाव काफी तेज हो जाता है। ऐसे में नाव और स्टीमर संचालन में सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सावधानी जरूरी होती है।

 

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