सी टाइम्स न्यूज बालाघाट। जिले के बैहर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत महामारी से प्रभावित गांवों की स्थिति जानने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सारस्वार ने क्षेत्र का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उनके साथ पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष भीम फुलसुगे पूर्व मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव जुगल शर्मा, जिला पंचायत सदस्य मंसाराम मरावी, सरपंच tatu सिंह धुर्वे, लालबर्रा ब्लॉक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र धांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दौरे के दौरान उप स्वास्थ्य केंद्र बिठली, ग्राम कुंडकशl, ग्राम भंडारी और ग्राम एडोरी सहित प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया गया। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानीं तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति भी देखी। मौके पर यह सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की आशा कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ प्रभावित क्षेत्र में काम कर रही हैं। पीड़ित लोगों का उपचार स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में किया जा रहा है और जरूरतमंद परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास जारी है।
जागरूकता की कमी बनी बड़ी चुनौती
दौरे के दौरान यह बात भी सामने आई कि प्रभावित क्षेत्र में लोगों के बीच स्वास्थ्य एवं महामारी से बचाव को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। विशेषकर बैगा जनजाति के लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और बचाव के उपायों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत महसूस की गई।
पुलिस की विशेष पहल
पुलिस विभाग द्वारा विशेष सहयोगी दल गठित कर स्थानीय लोगों की टीम के साथ घर-घर पहुंचकर प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की यह संयुक्त पहल मौके पर लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है।
समय रहते सरकार करती उपाय
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, रोकथाम और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए जाते तो महामारी जैसी स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता था। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ जागरूकता अभियान को भी प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। दौरे के दौरान जिला पंचायतy अध्यक्ष सम्राट सिंह सारस्वार ने संबंधित विभागों की जमीनी सक्रियता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों में निरंतर स्वास्थ्य शिविर, घर-घर सर्वे और जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि स्थिति को और गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सके।
जागरूकता में कमी
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के साथ यदि जनजागरूकता को भी गति दी जाए, तो प्रभावित क्षेत्र के लोगों को इस संकट से जल्द राहत दिलाई जा सकती है।


