जलस्रोतों का क्लोरीनेशन के साथ किया जा रहा है जल परीक्षण
कोरका, बोंदारी और कुंडेकसा सहित विभिन्न गांवों में ब्लीचिंग का छिड़काव, खराब हैंडपंपों का किया गया सुधार
बालाघाट जिले के बीमारी प्रभावित ग्रामों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को विभागीय अमले द्वारा बैहर एवं बिरसा विकासखंड सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जलस्रोतों का क्लोरीनेशन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, जल परीक्षण एवं खराब हैंडपंपों के सुधार का कार्य किया गया।
बीमारी प्रभावित कोरका, बोंदारी एवं कुंडेकसा ग्रामों में विशेष रूप से जलस्रोतों के क्लोरीनेशन एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया। इसके साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए जल नमूने भी संग्रहित किए गए। विकासखंड बैहर के 4 ग्रामों में 10 स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया, जबकि बिरसा विकासखंड के 3 ग्रामों में 10 स्थानों पर ब्लीचिंग का छिड़काव कराया गया। बोंदारी ग्राम के कोहनीमोर टोला के स्कूल एवं आंगनवाड़ी केन्द्र के हैंडपंप का भी क्लोरीनेशन किया गया और वहां के पानी का सेंपल प्रयोगशाला जांच के लिए एकत्र किया गया है।
इसी प्रकार बैहर विकासखंड के 4 ग्रामों में 19 जलस्रोतों तथा बिरसा विकासखंड के 3 ग्रामों में 33 जलस्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। जल की गुणवत्ता की जांच के लिए बैहर विकासखंड के 4 ग्रामों में 8 जलस्रोतों तथा बिरसा विकासखंड के 3 ग्रामों में 20 जलस्रोतों से जल के नमूने भी संग्रहित किए गए। जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बैहर विकासखंड के एक ग्राम में 2 खराब हैंडपंपों का सुधार कार्य भी किया गया।
जिले के अन्य विकासखंडों में भी क्लोरीनेशन
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के अन्य विकासखंडों में भी जलस्रोतों की स्वच्छता एवं पेयजल सुरक्षा को लेकर कार्रवाई की गई। इसके तहत बालाघाट विकासखंड के 7 ग्रामों में 15, कटंगी के 9 ग्रामों में 15, खैरलांजी के 1 ग्राम में 3, लांजी के 2 ग्रामों में 4, वारासिवनी के 5 ग्रामों में 10, लालबर्रा के 6 ग्रामों में 7 तथा परसवाड़ा के 1 ग्राम में 7 जलस्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बीमारी प्रभावित एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी की जा रही है। जलस्रोतों का क्लोरीनेशन, ब्लीचिंग का छिड़काव एवं जल नमूनों का संग्रहण कर पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विभाग द्वारा ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है कि वे पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें तथा पानी को ढंककर रखें। किसी भी जलस्रोत में गंदगी अथवा पेयजल से संबंधित समस्या दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बीमारी प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की यह कार्रवाई लगातार जारी है।


