जर्जर भवन से सोनोग्राफी सेंटर शिफ्ट करने की उठी मांग
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आज सुबह सोनोग्राफी सेंटर के भवन का एक बड़ा छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय छज्जे के नीचे कोई मरीज या परिजन मौजूद नहीं था, जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया। छज्जा गिरने की तेज आवाज के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। सूचना मिलते ही अस्पताल कर्मचारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर मरीजों और उनके परिजनों को घटनास्थल से दूर किया।
बताया जा रहा है कि सोनोग्राफी सेंटर में रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही रहती है। हादसा सुबह के समय हुआ, उस दौरान मौके पर भीड़ अपेक्षाकृत कम थी। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक सोनोग्राफी विंग जिस भवन में संचालित हो रही है, उसकी तकनीकी स्थिति लंबे समय से चिंताजनक बनी हुई है। भवन की स्थिति को लेकर अधिकारियों को पूर्व में भी अवगत कराए जाने की बात सामने आ रही है।
पहले भी उठ चुकी है भवन शिफ्ट करने की मांग
मरीजों और अस्पताल से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर छज्जा गिरा है, वहां भवन की दीवारें भी जर्जर स्थिति में दिखाई दे रही हैं। दीवारों में नमी और पानी भरने की समस्या होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सोनोग्राफी सेंटर को किसी अन्य सुरक्षित भवन में शिफ्ट करने को लेकर पूर्व में पत्राचार भी किया जा चुका है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी।
मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि भवन की स्थिति पहले से असुरक्षित थी और इसकी जानकारी अधिकारियों को दी जा चुकी थी, तो मरीजों और उनके परिजनों की नियमित आवाजाही वाले स्थान पर सोनोग्राफी सेंटर का संचालन क्यों जारी रखा गया, यह जांच का विषय है।
छज्जा गिरने की घटना ने एक बार फिर जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और परिजनों की मांग है कि भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यकता होने पर सोनोग्राफी सेंटर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।


