August 26, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

बालाघाट में बैगा आदिवासी समाज के 25 बच्चों की मौत पर गंभीर चिंता

अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल हुईं साधना उइके
बालाघाट
बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी समाज के 25 बच्चों की असमय मौत के मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता साधना उइके ने गहरी चिंता व्यक्त की है। बच्चों की मौत के कारणों की निष्पक्ष जाँच, प्रभावित परिवारों को न्याय और क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की माँग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल में आज साधना उइके बालाघाट पहुँचीं।

उन्होंने हड़ताल में शामिल होकर प्रभावित परिवारों एवं आंदोलनरत लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और कैंडल मार्च में शामिल होकर मृत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

साधना उइके ने कहा कि बैगा समाज के बच्चों की मौत केवल एक आँकड़ा नहीं, बल्कि 25 परिवारों के जीवन का असहनीय दुख है। सरकार को इन मौतों के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जाँच कराकर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति, दूषित पेयजल, सरकारी योजनाओं तथा बैगा समुदाय के विकास के लिए आवंटित निधियों के उपयोग की भी उच्च स्तरीय जाँच आवश्यक है।
साधना उइके की प्रमुख माँगें
साधना उइके ने सरकार से माँग की कि:
* प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को ₹50-50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए।
* प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ एवं आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
* बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए।
* दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
* प्रभावित बैगा परिवारों के लिए आवश्यक सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा—

“बैगा बच्चों की मौत पर चुप नहीं बैठेंगे।
न्याय चाहिए, जवाब चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई चाहिए।”

एक सप्ताह का अल्टीमेटम

साधना उइके ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रभावित परिवारों की माँगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई और सरकार ने मामले में उचित कदम नहीं उठाया, तो भोपाल राजधानी में राज्य स्तरीय आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल बालाघाट के परिवारों की नहीं, बल्कि हर उस परिवार की है जो अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का अधिकार चाहता है।

साधना उइके ने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय और सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती, तब तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाता रहेगा।

हड़ताल में उपस्थित रहे सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकारी

अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं कैंडल मार्च में नीरज बारीवा, रूपेश, अभय, आयोजन कार्यकर्ता मोहन मरकाम जी, सतेन्द्र इनवाती, सरद मरावी सहित प्रीति ,पीड़ित परिवार, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं महिलाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

आंदोलनकारियों ने मृत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने, सरकार से जवाब लेने और दोषियों पर कार्रवाई की माँग को मजबूती से उठाया।

अन्य ख़बरें

जयसिंहनगर में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन आयोजित कर व्हीबी जीरामजी

Newsdesk

शिक्षकों की समस्याओं और शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष दिन निर्धारित कर होगी सुनवाई, कमिश्नर ने उपायुक्त एवं संयुक्त संचालक शिक्षा को दिए निर्देश

Newsdesk

संबल योजना के तहत शहडोल जिले के 241 श्रमिक परिवारों को मिली 5 करोड़ 34 लाख रुपये की सहायता राशि

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading