रक्सा-कोलमी परियोजना को लेकर उठाई गई आपत्तियों को NGT ने पाया निराधार
अनूपपुर। रक्सा-कोलमी में निर्माणाधीन टोरेंट पावर परियोजना को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), सेंट्रल जोन बेंच भोपाल में चल रहे मामले में टोरेंट पावर के पक्ष में महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला सामने आया है। परियोजना को लेकर बुद्धसेन राठौर द्वारा दायर Original Application No. 114/2026 (CZ) की याचिका को NGT ने 12 अगस्त 2026 को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
बुद्धसेन राठौर ने अपनी याचिका में टोरेंट पावर लिमिटेड सहित अन्य को पक्षकार बनाया था। याचिका के माध्यम से रक्सा-कोलमी परियोजना के निर्माण एवं उससे जुड़े विभिन्न कार्यों को लेकर कई तरह की आपत्तियां और आरोप न्यायाधिकरण के समक्ष रखे गए थे।
कई मुद्दों को लेकर NGT में पहुंची थी याचिका
बुद्धसेन राठौर की याचिका में परियोजना से संबंधित विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए गए थे और याचिका में NGT से आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान टोरेंट पावर सहित संबंधित पक्षों की ओर से न्यायाधिकरण के समक्ष अपना पक्ष और उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 12 अगस्त 2026 को NGT ने बुद्धसेन राठौर की याचिका खारिज कर दी। याचिका खारिज होने के साथ ही इस मामले में उठाए गए मुद्दों पर न्यायाधिकरण का निर्णय सामने आ गया।
याचिका में विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए गए थे NGT ने आवेदन को स्वीकार नहीं किया। न्यायाधिकरण के आदेश के बाद टोरेंट पावर के खिलाफ बुद्धसेन राठौर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार साबित हुए रक्सा-कोलमी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना को लेकर NGT में उठाए गए सवालों पर सुनवाई हुई और न्यायाधिकरण ने उपलब्ध रिकॉर्ड एवं पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद याचिका खारिज कर दी।
कंपनी विधि अनुरूप कार्य कर रही
NGT के आदेश के बाद उपलब्ध न्यायिक स्थिति के अनुसार टोरेंट पावर के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए इससे परियोजना के संबंध में कंपनी के पक्ष को मजबूती मिली है ।
रक्सा-कोलमी परियोजना के लिए अहम घटनाक्रम
Original Application No. 114/2026 (CZ) में 12 अगस्त 2026 को NGT सेंट्रल जोन बेंच, भोपाल द्वारा पारित आदेश के साथ बुद्धसेन राठौर की याचिका का न्यायिक याचिका निराधार पाई गई जिससे खारिज हो गई


