कलेक्टर श्री कुमार सत्यम की प्रेरणा से विसाग बायोफ्यूल्स एवं रमनिक पावर एंड अलोयस की पहल, एक हजार परिवारों के लिए करीब 10 लाख रुपये की राहत सामग्री
जिले के वनांचल क्षेत्रों में निवासरत बैगा एवं अन्य आदिवासी परिवारों की सहायता के लिए विसाग बायोफ्यूल्स एवं रमनिक पावर एंड अलोयस ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत सराहनीय पहल की है। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम की प्रेरणा से दोनों कंपनियों ने संयुक्त रूप से करीब 10 लाख रुपये मूल्य की राहत एवं सुरक्षा सामग्री एक हजार आदिवासी परिवारों के लिए उपलब्ध कराई है।
कंपनी के मुखिया श्री सोहन वैद्य एवं श्री सुधीर भाई त्रिवेदी ने राहत सामग्री का पहला यूनिट कलेक्टर श्री कुमार सत्यम को भेंट किया। सामग्री में प्रत्येक परिवार के लिए दो मच्छरदानियां, छोटे बच्चों के दो जोड़ी कपड़े, मॉस्किटो किट तथा बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए रोस्टेड दलिया शामिल किया गया है।
वनांचल क्षेत्रों में निवासरत परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राहत सामग्री तैयार की गई है। इसका उद्देश्य परिवारों को मच्छरों से होने वाली परेशानियों से बचाव के साथ छोटे बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण में सहयोग प्रदान करना है। मच्छरदानियां एवं मॉस्किटो किट जहां मच्छरों से बचाव में सहायक होंगे, वहीं बच्चों के लिए कपड़े और रोस्टेड दलिया उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे।
दोनों कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से एक हजार परिवारों के लिए सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसका पहला यूनिट जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है। शेष राहत सामग्री बैहर एसडीएम को सौंपी जाएगी, ताकि वनांचल क्षेत्रों में निवासरत जरूरतमंद बैगा एवं अन्य आदिवासी परिवारों तक सामग्री पहुंचाई जा सके।
कलेक्टर श्री कुमार सत्यम की प्रेरणा से शुरू हुई यह पहल प्रशासन और उद्योग जगत के बीच सामाजिक सरोकारों के लिए सहयोग की सकारात्मक मिसाल है। कंपनियों की इस पहल से वनांचल के जरूरतमंद परिवारों को प्रत्यक्ष सहायता मिलेगी। कंपनियों की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि उद्योगों की जिम्मेदारी केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों के साथ खड़े होकर उनके जीवन को बेहतर बनाने में योगदान देना भी उनका सामाजिक दायित्व है।
वनांचल में निवासरत बैगा एवं अन्य आदिवासी परिवारों और बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की गई यह पहल CSR के माध्यम से सामाजिक सहभागिता एवं जनकल्याण की दिशा में जिले के लिए एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।


