जबलपुर। डिंडौरी और मंडला जिलों में हुई भारी बारिश के चलते बांध में एक बार फिर पानी की तेज आवक दर्ज की गई है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने और लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने गुरुवार सुबह 11 बजे पांच गेट खोल दिए। सभी गेटों को 1.5 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है।
वर्तमान में जलाशय में कुल क्षमता का 97.18 प्रतिशत पानी जमा है, जबकि कैचमेंट क्षेत्र से करीब 4215 क्यूमेक पानी की आवक लगातार बनी हुई है। पानी की तेज आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के किनारों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
प्रबंधन के अनुसार आगामी घंटों में पानी की आवक और बहाव की स्थिति की निगरानी की जाएगी। इसके आधार पर आवश्यकता पड़ने पर गेटों की संख्या बढ़ाने या घटाने का निर्णय लिया जाएगा।
इस मानसून में इससे पहले भी जलस्तर और आवक बढ़ने पर सुरक्षा की दृष्टि से 13 गेट खोले गए थे। बाद में पानी की आवक कम होने पर गेटों की संख्या घटाकर नौ और फिर पांच कर दी गई थी, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर सभी गेट बंद कर दिए गए थे। अब दोबारा मानसूनी सक्रियता बढ़ने से नर्मदा तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।


