शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाजपा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल की कानून-व्यवस्था और विकास की स्थिति पर विचार करना चाहिए। प्रदेश की जनता अब अखिलेश यादव के आरोपों पर भरोसा नहीं करती और आगामी चुनाव में भाजपा का कमल फिर खिलेगा। सुरेश खन्ना ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने शासनकाल का दौर याद करना चाहिए, जब माफिया, आतंकवादियों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद थे। आज भाजपा सरकार की पहचान मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण देश और दुनिया में बनी है।
योगी सरकार ने प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ को मजबूत किया गया है और इसी वजह से राज्य की छवि में बदलाव आया है। विकास का पहिया भी तेजी से आगे बढ़ा है और सरकार ने बिना भेदभाव के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम किया है। जेपीएनआईसी को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर सुरेश खन्ना ने कहा कि इसके लिए पूर्व सरकार को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। शुरुआत में यह परियोजना करीब 100-200 करोड़ रुपए की थी, लेकिन बाद में इसकी लागत बढ़कर 800 करोड़ रुपए से अधिक हो गई। परियोजना में बड़े पैमाने पर धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अखिलेश यादव को आत्ममंथन करना चाहिए।
योगी सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का जिक्र करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है। इसके अलावा, कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसी योजनाओं के जरिए बेटियों के जन्म से लेकर विवाह तक सहायता देने का प्रयास किया गया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान और कल्याण के लिए कई स्तरों पर काम किया है। अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ पर तंज कसते हुए खन्ना ने कहा कि कभी इसमें ‘पी’ का अर्थ पिछड़ा बताया जाता है और कभी उसे पंडित के रूप में बदल दिया जाता है।
राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बार-बार फॉर्मूला बदलना जनता के बीच विश्वसनीयता का सवाल खड़ा करता है। अखिलेश यादव को यह देखना चाहिए कि उन्होंने कल क्या कहा था और आज क्या कह रहे हैं। अखिलेश यादव के इस दावे पर कि भाजपा चाहे कितना भी कीचड़ कर ले, इस बार कमल नहीं खिलेगा, सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्ष चाहे जितने सपने देख ले, कमल खिलकर रहेगा। वहीं, बढ़ती महंगाई और चुनाव से पहले कंपनियों से फंडिंग लेने के लिए कीमतें बढ़ाने के अखिलेश यादव के आरोप पर भी खन्ना ने कहा कि जनता उनके आरोपों पर भरोसा नहीं करती।


