भाजपा कार्यालय मे सेवानिर्वत शिक्षको का सम्मान समारोह विशिष्ट चिंतन के साथ सेमीनार मे हुआ परिवर्तीत
भाजपा कार्यालय वारासिवनी मे आज पंरपरा के अनुसार देश के दूसरे राष्ट्रपति डा सर्वपल्ली राधाक्रष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप मे मनाया गया। पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल, नपा अध्यक्ष श्रीमती सरिता मनोज दांदरे, पूर्व नपा अध्यक्ष श्रीमती स्मिता जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष किशोेर अमूले, पूर्व ग्रामीण मंडल अध्यक्ष प्रदीप शरणागत, मंडल अध्यक्ष मिलिंद नगपुरे,श्रीमती पूनम झा आदि के आतिथ्य मे लगभग 150 सेवानिर्वत शिक्षको का भव्य सम्मान शाल श्रीफल से किया गया।
सम्मान समारोह का विशेषता यह भी रही की वक्ताओ के विचारो के बाद यह कार्यक्रम एक सेमीनार मे परिवर्तीत होते देखा गया। जिसमे पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल सहित शिक्षाविदो ने जंतर मंतर मे हुये आंदोलन सहित जेन जी पर कटाक्ष करते हुये नयी पीढि मे संस्कारो की जरूरत को एक चुनौती के रूप मे देखा।
सबसे पहले उत्क्रष्ट विधालय से प्राचार्य पद से सेवानिर्तत हुयी सुश्री रश्मि झा ने कहा की आज उनकी सफलता मे सबसे ज्यादा योगदान श्री पवार सर का रहा है। आज समाज मे सामाजिक चेतना और राजनितीक चेतना अवश्य दिख रही है। जिसके कारण शिक्षको का भव्य सम्मान हो रहा है। किंतू दूसरी ओर हम शिक्षको के समक्ष यह चुनौती भी है की हम नयी पीढि मे संस्कारो को अवश्य समाहित करे। हम जेन जी को ही देख रहे है। उनके संस्कारो को शामिल करना हमारे लिये भी अब एक चुनौती के रूप मे सामने आ रहा है।
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेन्द्र लटारे ने शिक्षक की तुलना ईश्वर से करते हुये डा राष्ट्रपति डा सर्वपल्ली राधाक्रष्णन के विस्त्रत जीवन से परिचय कराया। जब उन्होेने बताया की डा सर्वपल्ली जी सेवानिर्वत हुये तब विद्वार्थीयो ने उस समय उन्हे रेल्वे स्टेशन तक छोडने के लिये बग्गी मे घोडे की बजाय स्वंय को रखकर अपने स्नेह का परिचय दिया, इस जानकारी को सुनकर पुरा सदन भावविभोर भी होते देखा गया।
इसी तरह पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने प्रभावी शैली मे कहा की एक शिक्षक देश मे किसी भी पद पर पहुच सकता है यह संदेश हमे पूर्व राष्ट्रपति के जीवन परिचय से मिलता है। हम लोग राजनितीक क्षेत्र मे कार्य करते है। जिस प्रकार से प्रत्येक मोहल्ले मे लोग हाईमास्क की हम से जैसे मांग करते है। वैसे ही समाज और देश के कोने कोने मे शिक्षा रूपी प्रकाश के लिये सभी शिक्षको को हाईमास्क की भूमिका निभानी पडेगी। विशेषकर जंतर मंतर दिल्ली की द्रश्यो ने नयी पीढि मे संस्कार और उनको अब दिशा देने की निंतात आवश्यकता महसुस हो रही है।
सम्मान समारोह मे श्री राजेश खोसला ने कहा की जिस तरह स्वर्गीय अम्रतलाल जायसवाल गरीबो की सेवा मे तत्पर रहते थे। उन्ही के संस्कारो पर चलकर अब प्रदीप जायसवाल भी सेवामयी कार्यो से अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे है। हम सभी को चाहिये की एैसी शख्सियत को हम किसी भी रूप मे अपने से दूर नही करे।
समारोह मे श्री वाय एस पवार, भेजेन्द्र चैधरी, डीसी चैरागढे,श्यामलाल पंचेश्वर,शानू सिंघई,सुदंरलाल जी,टीएस कटरे आदि ने उदबोधन के माध्यम से शिक्षक के महत्व को रेखांिकंत किया। संचालन का दायित्व कुशलता से संतोष आडे व आभार प्रदर्शन किशोर अमूले के द्वारा किया गया।
इसी तरह सम्मान समारोह मे विशेष रूप से सर्वश्री यूरेन्द्र हनवत, जगदीश प्रसाद चैतगुरू, एसके दहीकर, अशोक कुमार शिवणे, श्रीमती सविता पारधी, अरूण भोंडले,सुरेश कुमार डोहरे, एमआर अली,विजय सोनवाने,रमेश कुमार हनवत,श्रीमती उषा बावने,श्रीमती चंद्रकांता मेश्राम,श्रीमती किरण ज्योतिषी,महेन्द्र कावडे,नीरज वर्मा, अशोक शुक्ला, सुरेश दुबे,राजेन्द्र मिश्रा, एलसी नेवारे,भवानी प्रसाद चैबे, नजीर हुसैन,श्रीमती भुवंता डहाटे,श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव आदि का भाजपा परिवार ने शाल श्रीफल से सम्मान किया।


