?जबलपुर। शहर के बीचोंबीच स्थित भंवरताल गार्डन, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग घूमने और समय बिताने पहुंचते हैं, इन दिनों सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। कुछ दिन पहले गार्डन में पेड़ों की डालियां गिर गई थीं। इनमें से कुछ को तो हटा दिया गया, लेकिन कई डालियां अब भी परिसर में पड़ी हैं और धीरे-धीरे कचरे के ढेर में तब्दील होती जा रही हैं।
नियमित सफाई और झाड़ू नहीं लगने से गार्डन में जगह-जगह कचरा बढ़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि शहर के प्रमुख और व्यस्ततम सार्वजनिक स्थलों में शामिल होने के बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। यदि गार्डन की देखरेख का जिम्मा संबंधित विभाग के पास है, तो सवाल उठता है कि कई दिनों से सफाई व्यवस्था दुरुस्त क्यों नहीं की जा सकी।
भंवरताल गार्डन में प्रतिदिन सुबह-शाम लोग टहलने और परिवार के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में यहां पसरी गंदगी न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि स्वच्छता अभियान की हकीकत भी सामने लाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या सफाई अमले को केवल तब ही सक्रिय होने की जरूरत पड़ती है, जब किसी बड़े अधिकारी का निरीक्षण प्रस्तावित हो? यदि ऐसा नहीं है तो फिर इतने दिनों से गार्डन में पड़ी गंदगी और पेड़ों की डालियां जिम्मेदारों की नजर में क्यों नहीं आईं?
शहर के प्रमुख गार्डन में सफाई की यह स्थिति संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराएं और नियमित सफाई सुनिश्चित करें, ताकि भंवरताल गार्डन अपनी पहचान के अनुरूप स्वच्छ और सुंदर नजर आए।


