31.5 C
Jabalpur
September 20, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

भारतीय लड़ाकू विमान तेजस में सवार हुए भारत व जापान के एयरफोर्स चीफ

नई दिल्ली,  जापान के एयर चीफ जनरल ताकेहिरो मोरिता और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी है। रविवार को दोनों देशों के वायुसेना प्रमुख तेजस विमान में सवार हुए। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तेजस में अकेले उड़ान भरी। वहीं, जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरिता ने भी जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन से तेजस में उड़ान का अनुभव लिया। यह उड़ान दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा और हवाई सहयोग की एक खास तस्वीर पेश करती है। दरअसल इन दिनों भारत व जापान की वायुसेनाएं संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन 2026’ को अंजाम दे रही हैं। इस के तहत युद्ध जैसी परिस्थितियों में दोनों वायुसेनाएं अपनी हवाई युद्धक क्षमताओं को परख रही हैं। यह अभ्यास अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस दौरान दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने एयर स्ट्राइक से जुड़े कई अभियानों का अभ्यास किया है। दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों द्वारा भारतीय के तेजस लड़ाकू विमान को उड़ाना भारत व जापान के बीच बढ़ते विश्वास का भी प्रतीक है।

यह मौका इसलिए भी खास रहा क्योंकि ‘वीर गार्जियन 2026’ में पहली बार जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के लड़ाकू विमान भारत में इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का हिस्सा बने हैं। अभ्यास में भारतीय वायुसेना के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के अलावा सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों शामिल हैं । वहीं जापानी वायुसेना ने अपने एफ-2ए लड़ाकू विमान के साथ शिरकत की है। 9 सितंबर से 22 सितंबर तक जोधपुर में चल रहे इस अभ्यास में दोनों वायुसेनाएं विभिन्न हवाई अभियानों और युद्धक गतिविधियों का अभ्यास कर रही हैं। इसका उद्देश्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल, आपसी समझ और संयुक्त अभियानों के दौरान समन्वय को मजबूत करना है। जोधपुर के आसमान में तेजस की उड़ान ने इस संयुक्त अभ्यास में भारत की स्वदेशी हवाई शक्ति को खास तौर पर सामने रखा। अभी तक हुए इस अभ्यास में दोनों देशों के वायु योद्धा अलग-अलग हवाई अभियानों और ऑपरेशनल गतिविधियों को पूरा कर चुके हैं। दोनों देशों के वायुसेना अधिकारियों ने एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और युद्धक तौर-तरीकों को भी समझा है। संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय विकसित करना भी अभ्यास का अहम हिस्सा है। ‘वीर गार्जियन 2026’ के जरिए दोनों देशों की वायुसेनाओं को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में अपनी क्षमताओं को परखने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला है। वहीं दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों की उपस्थिति ने इसके महत्व को रेखांकित किया है।

अन्य ख़बरें

 क्यों मनाया जाता है विश्व आभार दिवस? जानिए इस विशेष दिन का महत्व

Newsdesk

 गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा को जयंती पर ओम बिड़ला समेत कई मुख्यमंत्रियों ने किया याद

Newsdesk

वाराणसी में एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारा गया झारखंड का 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर ब्रजेश गंझू

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading