27.5 C
Jabalpur
September 30, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

विकसित भारत 2047′ के लिए 600 मिलियन टन स्टील उत्पादन क्षमता का लक्ष्य, जल्द आएगी नई राष्ट्रीय इस्पात नीति: सचिव

‘

नई दिल्ली, 29 सितंबर । केंद्र सरकार जल्द ही नई राष्ट्रीय स्टील नीति (नेशनल स्टील पॉलिसी) को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी करने जा रही है। इस नीति का उद्देश्य भारत को वर्ष 2047 तक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के लक्ष्य के अनुरूप देश की इस्पात उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 600 मिलियन मीट्रिक टन (एमटी) तक पहुंचाना है।

स्टील सचिव संदीप पौंड्रिक ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि नई राष्ट्रीय स्टील नीति लगभग तैयार है और इसे अगले एक सप्ताह के भीतर हितधारकों की राय और सुझावों के लिए सार्वजनिक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह नीति ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

पौंड्रिक ने कहा कि प्रस्तावित नीति में सस्ते और निम्न गुणवत्ता वाले स्टील के आयात को हतोत्साहित करने के लिए विभिन्न व्यापारिक उपाय शामिल होंगे। इनमें सेफगार्ड ड्यूटी और एंटी-डंपिंग ड्यूटी जैसे प्रावधान भी शामिल किए जा सकते हैं, ताकि घरेलू उद्योग को अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सके।

नई नीति में छोटे और मध्यम स्तर के इस्पात उत्पादकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य उन्हें बेहतर तकनीक, लागत दक्षता और मूल्य प्रतिस्पर्धा के माध्यम से मजबूत बनाना है।

सरकार जिस संशोधित स्टील नीति पर काम कर रही है, उसमें ग्रीन स्टील, स्पेशियलिटी स्टील और स्टेनलेस स्टील के लिए वर्ष 2035 और 2047 तक के उत्पादन लक्ष्य भी शामिल किए जाने की संभावना है। यह भारत के स्टील उद्योग को अधिक टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस वर्ष की शुरुआत में सरकार ने बताया था कि भारत की कच्चा इस्पात (क्रूड स्टील) उत्पादन क्षमता वर्तमान में लगभग 222 मिलियन टन प्रति वर्ष है। इससे देश वर्ष 2030 तक राष्ट्रीय स्टील नीति के तहत निर्धारित 300 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

स्टील मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जुलाई के दौरान तैयार इस्पात (फिनिश्ड स्टील) का उत्पादन 4 प्रतिशत बढ़कर 54.3 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 52.2 मिलियन टन था।

इसी अवधि में तैयार इस्पात की खपत 7.8 प्रतिशत बढ़कर 55.9 मिलियन टन हो गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 51.9 मिलियन टन थी। इस वृद्धि के पीछे राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से बढ़ती मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

निर्यात के मोर्चे पर भी भारतीय स्टील उद्योग ने मजबूत प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जुलाई अवधि में इस्पात निर्यात 35 प्रतिशत बढ़कर 22.9 लाख टन पहुंच गया, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 17 लाख टन था। मूल्य के आधार पर निर्यात 29.4 प्रतिशत बढ़कर 18,105.4 करोड़ रुपए हो गया।

वहीं, कच्चा इस्पात उत्पादन 2.6 प्रतिशत बढ़कर 56.3 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 54.9 मिलियन टन था।

अन्य ख़बरें

अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले नकली कॉल सेंटर का भंडाफोड़

Newsdesk

वित्त मंत्री सीतारमण से बैठक के बाद व्यापारियों ने वापस लिया ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान

Newsdesk

जो नशे में गुरुओं का अपमान करे, वो पंजाब को नशामुक्त नहीं कर सकता : अमित शाह

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading