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शैल्बी अस्पताल पर गंभीर आरोप
जबलपुर। विजयनगर स्थित शैल्बी अस्पताल में इलाज के दौरान करीब 62 से 65 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इलाज की प्रक्रिया, सूचना देने के तरीके और कथित रूप से बनाए गए भारी-भरकम बिल पर सवाल उठाए हैं।
परिजनों के मुताबिक महिला खुद चलकर अस्पताल पहुंची थीं। डॉक्टर ने जांच के बाद परिवार को बताया था कि उनके हार्ट में मामूली परेशानी है। एंजियोग्राफी के बाद जरूरत पड़ने पर स्टेंट डालने की बात कही गई थी। परिजनों का दावा है कि डॉक्टर ने किसी बड़े जोखिम की संभावना से भी इनकार किया था।
आरोप है कि इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद अस्पताल की ओर से महिला की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें वेंटिलेटर पर रखने की बात कही गई। बाद में परिजनों को पता चला कि महिला की मौत हो चुकी है। अधिवक्ता महेंद्र पटेल ने डॉक्टर आशीष तिवारी के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि महज करीब डेढ़ घंटे के भीतर लगभग ढाई लाख रुपये का बिल तैयार कर दिया गया। उनका यह भी आरोप है कि परिवार को समुचित जानकारी देने के बजाय अस्पताल परिसर में बाउंसर तैनात कर दिए गए।
मामले की जानकारी मिलने पर जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ के मनीष मिश्रा सहित कई अधिवक्ता अस्पताल पहुंचे। विजयनगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। परिजनों और मौजूद पत्रकारों ने पुलिस की कार्रवाई और थाना प्रभारी द्वारा घटना की जानकारी देने में कथित देरी पर सवाल उठाए।
फिलहाल पूरे मामले में महिला की मौत के वास्तविक कारण, इलाज के दौरान अपनाई गई चिकित्सकीय प्रक्रिया और बिल में शामिल शुल्क की जांच महत्वपूर्ण है। अस्पताल प्रबंधन और पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


