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October 4, 2026
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 नासा की रिपोर्ट : नेपाल और भारत में मूसलाधार बारिश से 1960 के दशक के बाद सबसे बड़ा जलप्रलय

वॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने बिहार में गंडक नदी के जलप्रलय और उससे मची भीषण तबाही पर एक विस्तृत उपग्रह-आधारित (सैटेलाइट) रिपोर्ट जारी की है। नासा के ‘अर्थ ऑब्जर्वेटरी’ द्वारा 2 अक्टूबर 2026 को “भारी बारिश से गंडक नदी उफ़ान पर” शीर्षक से प्रकाशित इस रिपोर्ट में बताया गया है कि नेपाल के पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों और भारत की सीमा में हुई अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते गंडक नदी में अभूतपूर्व जलप्रवाह दर्ज किया गया है। आपदा की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नासा ने इस विनाशकारी बाढ़ की उपग्रह तस्वीर को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रमुखता से ‘इमेज ऑफ द डे’ (Image of the Day) के रूप में प्रदर्शित किया है।
नासा की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ की यह भयावह स्थिति उसके दो प्रमुख वैज्ञानिक उपग्रहों—टेरा (Terra) और एक्वा (Aqua) पर लगे अत्याधुनिक MODIS (मॉडरेट रेजोल्यूशन इमेजिंग स्पेक्ट्रोरेडियोमीटर) उपकरण के जरिए सामने आई है:
रिकॉर्ड जलप्रवाह: नेपाल में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण गंडक नदी में अप्रत्याशित मात्रा में पानी उतरा।
तटबंध टूटे: सैटेलाइट तस्वीरों से स्पष्ट हुआ है कि भारी दबाव के कारण कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के ऊपर से बहने लगा (ओवरफ्लो) और कई जगह सुरक्षा तटबंध टूट गए, जिससे रिहायशी इलाकों और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि में भारी जलप्लावन हुआ।
रिपोर्ट में नदी के जलस्तर को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े दर्ज किए गए हैं:
नेपाल के देवघाट में ऐतिहासिक रिकॉर्ड: 27 सितंबर को नेपाल के देवघाट में गंडक नदी का जलस्तर 11.94 मीटर तक पहुंच गया। नासा के अनुसार, यह 1960 के दशक के बाद दर्ज किया गया अब तक का सर्वाधिक जलस्तर है।
बिहार के तटवर्ती क्षेत्रों में नया रिकॉर्ड: नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बिहार के बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में भी गंडक नदी ने अपने पिछले उच्चतम जलस्तर के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इन क्षेत्रों में नदी खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बहती नजर आई।
नासा द्वारा किसी भारतीय नदी के जलप्रलय पर इस तरह का विस्तृत सैटेलाइट विश्लेषण जारी करना बेहद असाधारण माना जाता है। इससे पहले अंतरिक्ष एजेंसी ने 27 अगस्त 2008 को बिहार की विनाशकारी कुसहा त्रासदी (कोसी बाढ़) के दौरान विस्तृत उपग्रह तस्वीरें और प्रभाव रिपोर्ट जारी की थी। गंडक नदी के इस उफान को 2008 की कोसी त्रासदी के बाद सबसे गंभीर जल-आपदाओं में से एक माना जा रहा है।

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