अंतर्राज्यीय ‘ऐरागोल्ला गैंग’ के 03 सदस्य गिरफ्तार पांच राज्यों में करीबन 22,270 किलीमोटर का सफर तय कर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीबन 22 लाख कीमती, सोने-चांदी के आभूषण जप्त
14 पुलिस टीमों ने 65 दिनों में करीब 22,270 किलोमीटर की सड़क यात्रा की।
मध्यप्रदेश के अतिरिक्त महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा एवं आंध्रप्रदेश के 21 जिलों में खोजबीन; करीब 190 व्यक्तियों से पूछताछ एवं 6 जेलों में बंदी आरोपियों से पूछताछ ।
76 पुलिसकर्मियों का 149 दिवस का टीमवर्क / फील्ड कार्य।
लगभग 2,000 किलोमीटर लंबे मार्ग के 250 से 300 सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण तथा 6,24,588 टेलीफोन रिकॉर्ड की जाँच ।
9 गिरफ्तार आरोपियों से उड़ीसा एवं अन्य राज्यों में इसी प्रकार की वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है; अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जिलों एवं अन्य राज्यों में तलाश की जा रही है।
बालाघाट जिले में सराफा व्यापारियों से हुई लूट की दो घटनाओं के खुलासे एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक बालाघाट के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीमों द्वारा थाना लांजी एवं थाना किरनापुर क्षेत्र की दोनों लूट की घटनाओं का तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर अनुसंधान करते हुए अपराधियों के आवागमन के मार्ग, सीसीटीवी कैमरों एवं टेलीफोन संबंधी आंकड़ों के आधार पर जांच की गई। घटनाओं में कोई प्रत्यक्षदर्शी, आरोपी का नाम अथवा वाहन का पंजीयन क्रमांक उपलब्ध नहीं था तथा आरोपी बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों का उपयोग कर सवार एवं कपड़े बदलते हुए वारदात करते थे। पुलिस टीमों द्वारा मध्यप्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा एवं आंध्रप्रदेश तक सड़क मार्ग से कुल 22,270 किलोमीटर की दूरी तय कर लगातार तलाश पतासाजी की गई। पुलिस की सतत कार्रवाई में अंततः अंतर्राज्यीय ‘ऐरागोल्ला गैंग’ की पहचान हुई तथा मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटे गए आभूषणों में से लगभग 22 लाख रुपये मूल्य का मशरूका बरामद किया गया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
एपिसोड 01
चौकी रजेगांव, थाना किरनापुर क्षेत्र में सराफा व्यापारी से सोने-चांदी के आभूषण से भरे दो बैग की लूट
दिनांक 06/08/2026 को फरियादी गेंदलाल करंडे, निवासी रजेगांव ने थाना किरनापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 05/08/2026 की शाम वह रजेगांव चौक स्थित अपनी सागर ज्वेलर्स नामक सराफा दुकान बंद कर सोने-चांदी के आभूषण एवं हिसाब के हस्तलिखित रजिस्टर सहित दो बैग स्कूटी में रखकर घर जा रहा था। रास्ते में अज्ञात मोटरसाइकिल सवार आरोपियों ने उसकी स्कूटी के सामने मोटरसाइकिल लगाकर उसे रोक लिया तथा स्कूटी में रखे दोनों बैग छीनकर मौके से फरार हो गये। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना किरनापुर में अपराध क्रमांक 251/2026, धारा 126(2), 309 (4) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
एपिसोड 02
लांजी थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारी से मारपीट कर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी की लूट
दिनांक 29/08/2026 को फरियादी कपिल आसटकर, निवासी आमगांव रोड लांजी ने थाना लांजी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 28/08/2026 की शाम वह अपनी आमगांव रोड़ स्थित कामना ज्वेलर्स नामक सराफा दुकान बंद कर सोने-चांदी के आभूषण एवं 4,000 रुपये नगदी दो थैलों में रखकर मोटरसाइकिल से घर जा रहा था। आमगांव रोड स्थित पंप हाउस के पास अज्ञात आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल को रोक लिया तथा लकड़ी के डंडे से सिर पर वार कर उसे घायल करते हुए दोनों थैलों में रखे सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी छीनकर आमगांव रोड की ओर फरार हो गये। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना लांजी में अपराध क्रमांक 241/2026, धारा 309(6) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
अपराधियों की कार्यप्रणाली (मोडस ऑपरेंडी)
स्पोर्ट्स मोटरसाइकिलों का प्रयोग आरोपी हेलमेट पहनकर वारदात को अंजाम देते थे तथा मार्ग में मोटर साईकिलों की आपस में बदली करते थे।
डिजिटल निशान का अभाव निवास से घटनास्थल तक किसी व्यक्तिगत सिम या नियमित हैंडसेट का उपयोग नहीं करते थे। इंटरनेट कॉलिंग सीमित रूप में की गई और हैंडसेट का उपयोग केवल वारदात के समय करते थे।
चोरी की मोटरसाइकिलें- वारदात में बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों का उपयोग किया गया।
पहचान छिपाना- पूर्व-नियोजित स्थानों पर मोटर साईकिलों की आपसी बदली और कपड़े बदले गए तथा कैमरों से बचा गया।
तत्काल पलायन – घटना के बाद आरोपी तुरंत दूरस्थ सुरक्षित स्थान पर पहुँचे थे और वहाँ लूट का माल आपस में बांटते थे।
मार्ग के कैमरों का मिलान- घटनास्थल रजेगांव से रायपुर तथा आगे उड़ीसा की सीमा, संबलपुर एवं महासमुंद तक कुल 24 स्थानों के कैमरों के फुटेज एकत्र कर आरोपियों के समय-क्रम से मिलान किया गया।
टेलीफोन आँकड़ों का विश्लेषण- घटनास्थल एवं आरोपियों के संभावित मार्गों से संबंधित टेलीफोन जानकारी
की जांच की गई। घटनास्थल के आसपास पाए गए मोबाइल नंबरों की गतिविधियों का तकनीकी परीक्षण कर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान एवं उनकी तलाश की गई।
साइबर सेल – साइबर सेल की टीम द्वारा बड़ी संख्या में मोबाइल नंबरों की जांच एवं संदिग्ध नंबरों की पहचान की गई। सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्धों की तलाश की गई तथा आंध्रप्रदेश, उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ में तैनात पुलिस टीमों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई। जांच के दौरान एक संदिग्ध नंबर का संपर्क बालाघाट में पूर्व में किराए के मकान में रहने वाली एक महिला से मिला, जिसका संबंध बाद में गिरफ्तार आरोपी से पाया गया।
अंतर्राज्यीय समन्वय- उड़ीसा एवं आंध्रप्रदेश पुलिस से सूचनाओं के आदान-प्रदान से यह पुष्टि हुई कि चार राज्यों में सक्रिय एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह इन घटनाओं में शामिल है। संयुक्त दबिश एवं घेराबंदी से मुख्य आरोपी हिरासत में लिए गए।
पहचान, गिरफ्तारी एवं मशरूका जप्ती
फुटेज, मार्ग के कैमरों, टेलीफोन आँकड़ों एवं मैदानी तलाश पतासाजी के आधार पर आरोपियों की पहचान रोशन ध्रुव, नरसिम्हा उर्फ पुतरो प्रधान तथा सचिन ध्रुव एवं इनके अन्य साथियों के रूप में हुई। पुलिस टीमों ने आरोपी रोशन ध्रुव को रायपुर (छत्तीसगढ़) तथा नरसिम्हा उर्फ पुतरो को जाजपुर जिले (उड़ीसा) से हिरासत में लिया । आरोपी सचिन ध्रुव को भी जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़) से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने दिनांक 05.08.2026 को रजेगांव तथा दिनांक 28.06.2026 को लांजी में लूट की वारदातों को अपने साथियों के साथ अंजाम देना स्वीकार किया तथा उड़ीसा एवं अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की वारदातें करना बताया ।
मशरूका जप्ती- रजेगांव की घटना में आरोपी रोशन ध्रुव एवं नरसिम्हा उर्फ पुतरो से सोने-चांदी के आभूषण कीमती करीब 18 लाख रुपये तथा लांजी की घटना में आरोपी रोशन ध्रुव से करीब 4 लाख रुपये के आभूषण जप्त किए गए हैं। इस प्रकार दोनों प्रकरणों में कुल करीब 22 लाख रुपये मूल्य का मशरूका जप्त हुआ है, जिसमें लगभग 70 ग्राम सोना एवं 2.8 किलोग्राम चांदी शामिल है।
आगे की कार्यवाही
आरोपी आकाश प्रधान एवं प्रकाश प्रधान को रगड़ी जेल जाजपुर (उड़ीसा) से बालाघाट लाने हेतु प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किए जाकर लांजी प्रकरण की शेष संपत्ति की बरामदगी हेतु पुलिस रिमांड प्राप्त की जा रही है।
. प्रयुक्त वाहनों, संभावित अवैध हथियारों तथा अन्य अंतर्राज्यीय सहयोगियों के संबंध में साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं।
उड़ीसा एवं अन्य राज्यों में इसी प्रकार की वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है और आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जिलों एवं राज्यों में तलाश की जा रही है।


