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October 16, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र कर एडीजी बोले, न्यायिक कार्यवाही में तेजी के लिए उठाए गए कदम



देहरादून, 15 अक्टूबर (उत्तराखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून-व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच और न्यायिक कार्यवाही के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने न्यायिक कार्यवाही में तेजी लाने और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

डॉ. मुरुगेशन ने देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ऋषिकेश के पास वनंतरा रिसॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी के साथ हुई दुखद घटना के मामले में उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने आपसी समन्वय से काम करते हुए घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तुरंत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। जांच को पूरी तरह और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए डीआईजी रैंक की एक महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का प्रमुख नियुक्त किया गया था।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एसआईटी ने डिजिटल, तकनीकी, फोरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों को बहुत बारीकी से जुटाया। इसके अलावा आरोपियों से विस्तृत पूछताछ, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहन जांच और विश्लेषण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली और अदालत में लगभग 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी।

डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने न्यायिक कार्यवाही में तेजी लाने और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। एसआईटी द्वारा जुटाए गए ठोस साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की ओर से रखी गई प्रभावी दलीलों के आधार पर, कोटद्वार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया और उन्हें आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। ये तीनों दोषी फिलहाल जेल में अपनी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

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