नई दिल्ली कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाए जाने, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महिलाओं को लेकर सोच समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और संघ पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने एसबीआई से ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनी से रेहान वाड्रा की 70 तस्वीरें हटाए जाने के मामले पर पवन खेड़ा ने कहा कि मौजूदा सरकार को युवाओं, उनके मुद्दों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से परेशानी है। युवा सड़क पर उतरकर अपनी बात रखें, कविता लिखें, साहित्य के माध्यम से विचार व्यक्त करें या कला के जरिए अपनी भावनाएं सामने लाएं, हर स्थिति में उन्हें रोकने की कोशिश की जाती है। खेड़ा ने कहा कि उन्होंने खुद प्रदर्शनी में लगाए गए चित्र देखे हैं और उनमें किसी राजनीतिक दल या पार्टी से जुड़ी कोई विशेष बात नहीं थी। इन चित्रों में युवाओं की अभिव्यक्ति को दर्शाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। इस मुद्दे को संघ और युवाओं के बीच वैचारिक टकराव बताते हुए उन्होंने संघ की तुलना अंग्रेजी हुकूमत की मानसिकता से की।
आरएसएस नेता रामलाल के उस बयान पर, जिसमें राहुल गांधी के संघ में महिलाओं के सम्मान को लेकर दिए गए बयान को गलत बताया गया था, पवन खेड़ा ने कहा कि रामलाल को मोहन भागवत के महिलाओं से संबंधित पुराने बयानों को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत पहले महिलाओं के चारदीवारी के भीतर रहने और हिंदू महिलाओं के चार बच्चे पैदा करने जैसे विचार व्यक्त कर चुके हैं। यदि रामलाल का संपर्क नंबर उपलब्ध कराया जाए, तो वह उन्हें संबंधित वीडियो भेज सकते हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सच कौन बोल रहा है। संघ की मानसिकता महिलाओं को घर तक सीमित रखने की है और राहुल गांधी ने इसी सोच पर सवाल उठाए हैं।


