जबलपुर। शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल सिविक सेंटर में देर रात तक चलने वाली गतिविधियां अब गंभीर सवाल खड़े करने लगी हैं। यहां संचालित एक पब के आसपास शराब के नशे में युवक-युवतियों द्वारा सरेराह हंगामा किए जाने और सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय हरकतें करने का मामला सामने आया है। दो दिन पूर्व हुई एक घटना में करीब एक घंटे तक सड़क पर जमकर हंगामा चलता रहा। इस पूरे घटनाक्रम को देखकर राहगीर भी असहज नजर आए। मौके से गुजर रहे लोगों ने अपने मोबाइल फोन में घटना के वीडियो तक रिकॉर्ड कर लिए।
पब शुरू होने के बाद से बिगड़ रहे क्षेत्र के हालात!
सूत्रों के मुताबिक, जब से सिविक सेंटर में उक्त पब का संचालन शुरू हुआ है, तब से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को देर रात तक युवक-युवतियों के जमावड़े, शराब के नशे में हंगामे और कथित अशोभनीय गतिविधियों की शिकायतें आम होती जा रही हैं। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले की जानकारी संबंधित थाने को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है।
सड़क पर तमाशा, पार्किंग के नाम पर अव्यवस्था!
सिविक सेंटर कोई सुनसान इलाका नहीं, बल्कि शहर का महत्वपूर्ण व्यावसायिक और सार्वजनिक क्षेत्र है। यहां रोजाना व्यापारी, प्रबुद्ध नागरिक, महिलाएं, परिवार और आम नागरिक अपने जरूरी कामों से पहुंचते हैं। लेकिन क्षेत्र में लगातार अव्यवस्थित पार्किंग और देर रात तक होने वाले हंगामे ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सवाल यह है कि मनोरंजन के नाम पर संचालित प्रतिष्ठानों के आसपास सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
स्थानीय स्तर पर गंभीर आरोप, जांच की दरकार!
घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति ने दावा किया कि कुछ युवतियां कथित तौर पर ग्राहकों की तलाश में यहां आती हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे आरोपों की जांच तथ्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए।
पुलिस की बार-बार सूचना के बाद भी कार्रवाई का इंतजार!
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब संबंधित थाने को कई बार सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है, तो फिर सिविक सेंटर में नियमित निगरानी क्यों नहीं हो रही? क्या संबंधित पब के संचालन की शर्तों, सुरक्षा इंतजामों और पार्किंग व्यवस्था की जांच की जाएगी? क्या सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हंगामा करने वालों पर कार्रवाई होगी?
शहर के बीचों-बीच यदि एक घंटे तक सड़क पर हुड़दंग होता रहे और जिम्मेदारों को इसकी भनक तक न लगे, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि प्रशासनिक निगरानी का भी गंभीर सवाल है। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं।


