November 4, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

NRI कोटे में बाहरी MBBS अभ्यर्थियों को झटका, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की



जबलपुर। मध्यप्रदेश के बाहर से MBBS की पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों को NEET-PG 2026 की काउंसलिंग में NRI कोटे की सीटों पर राहत नहीं मिली है। इंदौर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों की 15 प्रतिशत NRI कोटे की सीटों पर राउंड-1 में चॉइस फिलिंग के लिए संस्थागत पात्रता की शर्त पूरी करना अनिवार्य है। केवल मध्यप्रदेश का निवासी या NRI प्रायोजित अभ्यर्थी होना पर्याप्त नहीं है।

जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की युगलपीठ ने नियम 5(क) तथा मेडिकल एजुकेशन एडमिशन रूल्स, 2018 की शेड्यूल-I की एंट्री नंबर-3 को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। याचिका आयुष चडोड़ी और वेदांत विजय कुमार अग्रवाल ने दायर की थी। दोनों मध्यप्रदेश के निवासी हैं, लेकिन उन्होंने महाराष्ट्र और गुजरात के मेडिकल कॉलेजों से MBBS किया है।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि NRI प्रायोजित होने के बावजूद उन्हें राउंड-1 की ऑनलाइन चॉइस फिलिंग से रोक दिया गया। उन्होंने नियमों को असंवैधानिक बताते हुए पोर्टल खोलने की मांग की थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि निजी मेडिकल कॉलेजों की कुल पीजी सीटों में 50 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल सीटें देशभर के अभ्यर्थियों के लिए खुली हैं। शेष 50 प्रतिशत संस्थागत सीटों में NRI और इन-सर्विस कोटे की सीटें भी शामिल हैं। इसलिए NRI कोटे को संस्थागत प्राथमिकता से अलग नहीं किया जा सकता।

अदालत ने स्पष्ट किया कि संस्थागत पात्रता का निर्धारण अभ्यर्थी के निवास से नहीं, बल्कि MBBS करने वाले मेडिकल कॉलेज से होगा। कोर्ट ने नियमों को संवैधानिक और वैध मानते हुए दोनों याचिकाएं निरस्त कर दीं।

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