पात्र हितग्राहियों के सत्यापन में भेदभाव, परिजनों व रिश्तेदारों के नाम फर्जी मस्टर रोल में दर्ज
अनूपपुर। जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबसपुर के ग्राम भोलागढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2026-27 के हितग्राहियों के सत्यापन को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामवासियों ने पंचायत के रोजगार सहायक जोतेन्द्र पटेल के विरुद्ध आरोप लगाते हुए कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को सात बिंदुओं का शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषी रोजगार सहायक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रोजगार सहायक द्वारा निजी द्वेष के चलते वास्तविक पात्र हितग्राहियों का सत्यापन नहीं किया जा रहा है, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न एवं पूर्व में विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर चुके लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सत्यापित किया गया है।
पात्र हितग्राहियों को योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप
ग्रामवासियों द्वारा शिकायत में उल्लेख किया गया है कि ग्राम भोलागढ़ के अनेक ऐसे परिवार हैं, जिनके पास आज भी पक्का मकान नहीं है और जो प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता रखते हैं। इनमें छोटेलाल पटेल, प्रकाश पटेल, हरीशचन्द्र पटेल, रामनरेश पटेल, राजेश पटेल, कमला पटेल, कैलाश पटेल, कमलकांत पटेल, सुशील पटेल, चन्द्रिका पटेल, केमला सिंह गोंड़, लखन सिंह गोंड़ सहित अन्य ग्रामीणों के नाम शामिल हैं। उक्त परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद रोजगार सहायक द्वारा उनके आवास संबंधी सत्यापन में अनदेखी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर ग्राम के कुछ ऐसे परिवारों को सत्यापित किया गया है, जिनके पास पहले से पक्के मकान, चार पहिया वाहन, महंगे कृषि वाहन तथा पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।
संपन्न परिवारों को सत्यापन में प्राथमिकता देने की शिकायत
रोजगार सहायक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऐसे लोगों के नाम सत्यापित किए गए हैं, जो पहले से ही आर्थिक रूप से संपन्न हैं। शिकायत में चन्द्रभूषण पटेल, शम्भू पटेल, कनकदास पटेल (पूर्व कॉलरी कर्मचारी), रामशोभित पटेल, लालदास पटेल, राजकिशोर पटेल, राजू पटेल, विजय पटेल, लक्ष्मण पटेल, लल्लू पटेल, लल्ला साहू, मणिकुमार पटेल एवं जितेन्द्र पटेल सहित अन्य लोगों के नामों का उल्लेख है। जो पूर्व में इंदिरा आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, खेत तालाब, मेढ़बंधान, गौशाला सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ मिल चुका है। ऐसे में इनकी वर्तमान पात्रता एवं पूर्व में प्राप्त योजनागत लाभों की जांच कराई जाना आवश्यक है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि आवास योजना के सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए तथा वास्तविक पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल सके।
वर्ष 2013 से रोजगार सहायक के कार्यकाल की जांच की मांग
शिकायत में रोजगार सहायक जोतेन्द्र पटेल की वर्ष 2013 से नियुक्ति के बाद के कार्यकाल की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने पंचायत के विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों में फर्जी हाजिरी, अनियमितता तथा कमीशनखोरी के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम पंचायत में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शासकीय राशि का उपयोग नियमानुसार किया गया है अथवा नहीं। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली एवं पंचायत के अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अधूरे निर्माण कार्यों एवं गुणवत्ता में कमी के आरोप
ग्रामवासियों ने पंचायत क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में ग्राम भोलागढ़ के सामुदायिक भवन का अधूरा निर्माण, खेल मैदान की अधूरी बाउंड्रीवाल, वृक्षारोपण कार्य में अपूर्णता, नाली निर्माण एवं शौचालय निर्माण में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ शौचालयों का निर्माण इस स्थिति में कराया गया है कि वे संबंधित हितग्राहियों के उपयोग योग्य नहीं हैं। ऐसे निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच, गुणवत्ता परीक्षण एवं मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाना आवश्यक है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित निर्माण कार्यों में खर्च की गई शासकीय राशि एवं कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
परिजनों, रिश्तेदारों एवं शासकीय शिक्षक का नाम मस्टर रोल में दर्ज
रोजगार सहायक के परिजनों एवं रिश्तेदारों के नाम पंचायत के मस्टर रोल में दर्ज किए जाने से संबंधित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रोजगार सहायक द्वारा कथित रूप से अपने पिता जितेन्द्र पटेल, माता मालती पटेल, भाई जोगेन्द्र पटेल एवं अजीत पटेल सहित अपनी बुआ, भाभी एवं अन्य सगे-संबंधियों के नाम मस्टर रोल में दर्ज किया गया हैं। इसके साथ ही शासकीय शिक्षक नरेश गोंड़ का नाम भी मस्टर रोल में दर्ज किए जाने की शिकायत की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त व्यक्तियों द्वारा पंचायत के संबंधित कार्यों में वास्तविक रूप से श्रम नहीं किया गया, इसके बावजूद उनके नाम पर फर्जी तरीके से राशि का आहरण किया गया। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित मस्टर रोल, उपस्थिति पंजी, भुगतान अभिलेख एवं कार्यस्थल के भौतिक सत्यापन के माध्यम से मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामसभा एवं पंचायत बैठकों में अनुपस्थिति
ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि रोजगार सहायक ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामसभा, पंचों की बैठक एवं अन्य महत्वपूर्ण पंचायत कार्यों में कथित रूप से नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं। इससे पंचायत के कार्यों के संचालन एवं ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण में बाधा उत्पन्न होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली को लेकर ग्राम पंचायत के पंचों एवं ग्रामीणों द्वारा पूर्व में भी कई बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने पूर्व में की गई शिकायतों की स्थिति एवं उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है।


