एनटीपीसी और एमपीपीएमसीएल के बीच हुआ पीपीए
जबलपुर। मध्यप्रदेश में भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और प्रदेशवासियों को सस्ती एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में ऊर्जा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह और ऊर्जा सचिव व एमपी पावर मैननजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी की लारा चरण-III (2×800 मेगावाट) परियोजना से विद्युत क्रय के लिए एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) और एनटीपीसी के मध्य विद्युत क्रय अनुबंध (Power Purchase Agreement – PPA) निष्पादित किया गया। इस अनुबंध के तहत मध्य प्रदेश को लारा परियोजना से 800 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी। वर्ष 2031-32 तक इस संयंत्र से मध्य प्रदेश को उचित दरों पर विश्वसनीय बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। अनुबंध के अनुसार लारा-III परियोजना से मध्य प्रदेश को कुल 4.97 रुपये प्रति यूनिट की अनुमानित दर पर बिजली उपलब्ध होगी।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अनुबंध पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। यह अनुबंध भविष्य में राज्य के कृषि, उद्योग और घरेलू क्षेत्रों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
कैप्टिव खदान से ईंधन सुरक्षा और कम लागत-लारा परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह संयंत्र कोयला खदान के अत्यंत निकट स्थित है और इसमें एनटीपीसी की अपनी कैप्टिव खदान से कोयला प्राप्त होता है। कोयले की सीधी और सुरक्षित उपलब्धता के कारण ढुलाई खर्च में बचत होगी, जिससे बिजली की आपूर्ति पूरी तरह विश्वसनीय और न्यूनतम लागत पर संभव हो सकेगी।
इस अवसर पर एनटीपीसी दिल्ली से मुख्य महाप्रबंधक कॉमर्शियल ए.एस. पांडे, महाप्रबंधक संदेश जायसवाल, रायपुर से अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक कॉमर्शियल भूपेश कुमार और एमपीपीएमसीएल की ओर से मुख्य महाप्रबंधक कॉमर्शियल डॉ. आर.बी. सक्सेना उपस्थित थे।


