कई मरीजों को मिलेगी नई जिंदगी
जबलपुर। संस्कारधानी में मानवता और संवेदनशीलता की प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 40 वर्षीय नरेंद्र कुमार रजक की ब्रेन स्टेम डेथ की पुष्टि के बाद उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लेकर कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने की पहल की। नरेंद्र धनवंतरी नगर निवासी थे और एचसीएल कंपनी में कार्यरत थे।
परिजनों की सहमति के बाद चिकित्सकों ने अंगदान की प्रक्रिया शुरू की। मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल के किडनी प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. राजेश पटेल के अनुसार नरेंद्र का हृदय और लिवर अहमदाबाद भेजा गया, जबकि दोनों किडनियों का प्रत्यारोपण जबलपुर में किया जाएगा।
अंगों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 2 नवंबर की रात पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के मार्गदर्शन में जबलपुर पुलिस ने दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए। पहला कॉरिडोर बड़ेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल से डुमना एयरपोर्ट तक लगभग 16-17 किलोमीटर का बनाया गया। अंगों को रात 3:50 बजे रवाना कर 4:10 बजे एयरपोर्ट पहुंचाया गया। सुबह 4:29 बजे एयर एंबुलेंस ने अहमदाबाद के लिए उड़ान भरी।
दूसरा ग्रीन कॉरिडोर मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल से मेडिकल कॉलेज तक करीब 8 किलोमीटर का बनाया गया। एक किडनी सुबह 4:28 बजे रवाना होकर 4:48 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचाई गई। दूसरी किडनी मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल में प्रत्यारोपित की जाएगी।
पुलिस की तत्परता और बेहतर यातायात प्रबंधन से अंगों का सुरक्षित परिवहन संभव हुआ। जबलपुर पुलिस ने परिजनों के इस निर्णय को नमन करते हुए नागरिकों से अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।


