प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को किया रवाना, बाल देखरेख संस्थानों के बच्चों द्वारा तैयार सामग्री की प्रदर्शनी का किया उद्घाटन
बालाघाट 05 नवम्बर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा प्रारंभ किए गए अखिल भारतीय जागरूकता अभियान ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत बालाघाट जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 1 से 6 नवंबर 2026 तक संचालित इस अभियान के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा कानूनी सहायता की सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री प्राणेश कुमार प्राण के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता शिविर, निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिताएं तथा कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में जिला न्यायालय के न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया।
अभियान के तहत 2 नवंबर को प्रथम जिला न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान ने बालाघाट इंग्लिश स्कूल, 3 नवंबर को द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री दीप नारायण सिंह ने टैगोर मोंटेसरी पब्लिक स्कूल तथा 4 नवंबर को प्रथम जिला न्यायाधीश श्री गौतम सिंह मरकाम ने विवेक ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) 2012, साइबर अपराधों से बचाव, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह, मोटर व्हीकल एक्ट, नालसा की बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं योजना तथा बच्चों के लिए जारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में 5 नवंबर को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री प्राणेश कुमार प्राण ने बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत एवं ऑनलाइन सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट तथा निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने जागरूकता मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में बाल देखरेख संस्थानों, जिसमें ऑब्जर्वेशन होम भी शामिल हैं, में निवासरत बच्चों द्वारा तैयार की गई सजावटी वस्तुओं, दीपकों एवं अन्य हस्तनिर्मित सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा और हुनर की सराहना की।
कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) श्री रघुबीर प्रसाद पटेल, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री गौतम सिंह मरकाम, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री दीप नारायण सिंह, अतिरिक्त प्रथम जिला न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री मनीष कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सतीश शर्मा सहित न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नीरज सोनी, श्री सौरभ गोस्वामी, श्रीमती शालिनी भंडारी, श्री राज पांडे, श्रीमती निहारिका व्यास, अधिवक्तागण, पैरालीगल वॉलेंटियर्स, न्यायिक कर्मचारी, बाल देखरेख संस्थाओं के सदस्य एवं बच्चे उपस्थित रहे।


