ग्वालियर, 4 अप्रैल (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश की सियासत में खासा दबदबा रखने वाले सिंधिया राजघराने का खेल प्रेम किसी से छुपा नहीं है। राजनीति में भी वे खेल भावना को तरजीह देते हैं। माधवराव सिंधिया रहे हों या ज्योतिरादित्य सिंधिया, इनका खेल प्रेम जग जाहिर है। अब इस राजघराने के युवराज महान आर्यमन भी क्रिकेट के मैदान में मोर्चा संभालने पिच पर उतर गए हैं। उन्हें ग्वालियर क्रिकेट एसोसिएशन का उपाध्यक्ष चुना गया है। इसे उनके सियासी मैदान में उतरने से पहले का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सियासत में खासा दखल रखने वाले स्व. माधवराव सिंधिया की क्रिकेट में खासी दिलचस्पी थी। वे मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। उसके बाद भारतीय क्रिकेट कंटोल बोर्ड के भी अध्यक्ष रहे। उनकी ही कोशिशों का नतीजा रहा कि ग्वालियर के रुप सिंह क्रिकेट स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकेट मैच के आयोजनों का सिलसिला शुरु हुआ।
माधव राव की ही तरह उनके बेटे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की भी क्रिकेट में खासी दिलचस्पी है। ज्योतिरादित्य पहले ग्वालियर क्रिकेट ऐसोसिएशन के अध्यक्ष रहे, उसके बाद मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के भी अध्यक्ष रहे। राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दिलाने में उनकी ओर से हर स्तर पर प्रयास किए गए।
माधव राव के पौत्र और ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महान आर्यमन भी अब क्रिकेट की पिच पर सक्रिय हो चले हैं। इसकी शुरुआत उनके जीडीसीए के उपाध्यक्ष बनने से हुई है। इसके साथ ही महान आर्यमन एमआईटीएस ग्वालियर की गवनिर्ंग बॉडी के भी डायरेक्टर बने हैं।
इससे पहले देखें तो महान आर्यमन अपने पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया के चुनाव क्षेत्र गुना में चुनाव के दौरान सक्रिय दिखे थे, वे लोगों से सीधे संवाद करते और अपने परिवार के क्षेत्र से संबंधों को याद दिलाते नजर आए।
महान आर्यमन ने बीते नवंबर में अपना 26वां जन्मदिन मनाया था, तभी से यह कयास लगाए जाने लगे थे कि आने वाले समय में उनकी सक्रियता बढ़ेगी। अब वे जीडीसीए के उपाध्यक्ष बने हैं इसलिए क्रिकेट के मैदान में तो उनकी सक्रियता नजर आएगी ही।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महान आर्यमन की शिक्षा देहरादून के दून स्कूल और अमेरिका के येल यूनिवर्सिटी से हुई है। उन्होंने अभी हाल ही में अमेरिका से एमबीए किया है। कुल मिलाकर उनका ज्यादा वक्त ग्वालियर के बाहर ही बीता है।
सिंधिया राजघराने की तीन पीढ़ियों से करीबी का नाता रखने वाले डा. केशव पांडे कहते हैं कि सिंधिया राजघराना खेल प्रेमी है। यही कारण है कि महान आर्यमन भी खेल जगत में सक्रिय हुए हैं। सिंधिया राजपरिवार के सदस्य राजनीति भी खेल भावना से करते हैं, उनके मन में विरोधी दल के नेता के प्रति भी विद्वेष नहीं होता।
महान आर्यमन के जीडीसीए के उपाध्यक्ष चुने जाने को सियासी मैदान में प्रवेश के पहले की सीढ़ी माना जा रहा है, क्योंकि उनके पिता और दादा दोनों ही क्रिकेट से पहले जुड़े और उसके बाद सियासत में अपना वर्चस्व बनाया।o


