26.5 C
Jabalpur
August 30, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

नहीं रहीं पिंगली वेंकैया की बेटी घंटासाला सीता महालक्ष्मी, पिता ने दिया था राष्ट्रीय ध्वज का डिजाइन

हैदराबाद ,22 जुलाई (आरएनएस)।  भारत के राष्ट्रीय ध्वज को डिजाइन करने वाले स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया की बेटी घंटासाला सीता महालक्ष्मी का बीती रात आध्र प्रदेश के पलनाडु जिले में निधन हो गया। वयोवृद्ध सीता महालक्ष्मी की पिछले कुछ दिनों से तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। सीता महालक्ष्मी ने दिसंबर 2021 में अपनी उम्र के 100 साल के पड़ाव को पार कर चुकी थीं। निधन के समय वो मचेरला शहर के प्रियदर्शी कॉलोनी में अपने बेटे जीवी नरसिम्हा राव के आवास पर थीं।
निधन के बारे में जानतारी देते हुए राव ने कहा, वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ महसूस कर रही थीं। बीती दोपहर को उन्होंने कहा मुझे बताया कि कुछ घंटों में उनका निधन हो जाएगा। रात 8 बजते-बजते उन्होंने अपने बिस्तर पर ही चुपचाप आखिरी सांस ली। उनके पार्थिव शरीर का शुक्रवार दोपहर पूरे राजनीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दिल्ली जाने वाली थीं सीता महालक्ष्मी
माचेरला विधायक पिनेल्ली रामकृष्ण रेड्डी, पलनाडु कलेक्टर शिव शंकर लोथेती और वरिष्ठ अधिकारी दाह संस्कार में शामिल हुए। राव के मुताबिक, आजादी की अमृत महोत्सव के मौके पर सीता महालक्ष्मी को 2 अगस्त को केंद्र की ओर से अभिनंदन के लिए दिल्ली ले जाना था। उन्होंने कहा, हम उनके दिल्ली दौरे की व्यवस्था कर रहे थे, लेकिन बीच में ही यह त्रासदी हो गई।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने किया था सम्मानित
12 मार्च, 2021 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सीता महालक्ष्मी को उनके पिता पिंगली वेंकैया की ओर से तिरंगे के डिजाइन के 100 साल पूरे होने के अवसर पर सम्मानित किया था। इस अवसर पर, जगन ने उन्हें एक शॉल और 75 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया और वेंकैया को पुष्पांजलि अर्पित करने से पहले लगभग आधा घंटा उनके साथ बिताया।

अन्य ख़बरें

‘मैं और मेरा’ नहीं, ‘हम और हमारा’ ही समाधान है : मोहन भागवत

Newsdesk

नेपाल-तिब्बत बाढ़ त्रासदी: इशा फाउंडेशन ने लापता लोगों के परिजनों को भेजा भावुक अपडेट, कहा-जीवित बचे लोगों की उम्मीद बेहद कम

Newsdesk

आरक्षण में क्रीमी लेयर और सब-कोटा पर एनडीए में तकरार, चिराग ने मांझी से मांगा इस्तीफा

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading