18.5 C
Jabalpur
October 27, 2026
सी टाइम्स
व्यापार

दुबई प्रोपर्टी बाजार में आया उछाल

दुबई ,30 जुलाई । दुबई में निवेशकों की बढ़ती रूचि के बाद के इस वर्ष की पहली छमाही में संपत्ति बाजार में उछाल आया है। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद अमीरात में धन की आवक बढ़ी है और सम्पत्ति खरीदारों की सूची में रूस पहले पांच स्थानों में शामिल है।
पहली छमाही में आवासीय अचल संपत्ति लेनदेन की मात्रा 60 प्रतिशत बढ़ी, जिसमें बेची गई संपत्तियों के मूल्य में 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
शीर्ष खरीदारों में भारत, ब्रिटेन , इटली, रूस और फ्रांस शामिल है, इस क्रम में कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और मिस्र आठवें स्थान पर इसके बाद लेबनान और चीन है।
बेटरहोम्स ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस साल की पहली छमाही में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में रूसी खरीदारों की संख्या में 164 प्रतिशत वृद्धि हुई है। फ्रांस और ब्रिटेन की संख्या क्रमश: 42 प्रतिशत और 18 प्रतिशत बढ़ी, जबकि भारतीयों खरीददारी में आठ प्रतिशत और इटली से 17 प्रतिशत की गिरावट आई है।
निवेशकों के आने से बाजार में 60 फीसदी की तेजी आयी है इनमें भारत, ब्रिटेन, इटली, रूस, और फ्रांस शीर्ष पांच खरीदार है। बेटरहोम्स ने कहा कि यूरोप में भू-राजनीतिक अस्थिरता और ब्याज दरों में बढ़ोतरी कारण मांग को बढ़ावा मिला है।
इस साल की शुरुआत में यह बताया गया था कि यूक्रेन के आक्रमण पर रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के मद्देनजर रूस के लोग वित्तीय आश्रय की तलाश कर रहे है और दुबई की संपत्तियों में निवेश कर रहे है।
बेटरहोम्स ने कहा, बाजार ने बढ़ती ब्याज दरों और मजबूत डॉलर के रूप में विपरीत परिस्थतियों का सामना किया है, लेकिन अब तक मंदी के कम संकेत के साथ मजबूत साबित हुआ है।
दुबई भूमि विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष की पहली छमाही में रिकॉर्ड 37 हजार 762 इकाइयाँ बेची गईं, जिसमें आवासीय संपत्ति बाजार में लगभग 89 अरब दिरहम (24.23 अरब डॉलर) का लेनदेन हुआ।
दुबई के संपत्ति बाजार ने पिछले साल की शुरुआत में 2020 की गंभीर मंदी से उबरना शुरू कर दिया था, क्योंकि अमीरात द्वारा दुनिया भर के अधिकांश शहरों की तुलना में तेजी से महामारी प्रतिबंधों में ढील दी और खरीदारों ने लक्जरी इकाइयों को खरीदना बंद कर दिया था।

अन्य ख़बरें

माइक्रोसॉफ्ट का स्वैच्छिक निकास कार्यक्रम शुरू, भारत समेत चार देशों के 60 हजार कर्मचारी हो सकते हैं प्रभावित

Newsdesk

बैंक ज्यादा ब्याज देते हैं, तो धीमी पड़ती है डिजिटल डॉलर की रफ्तार

Newsdesk

25,000 रुपए की मासिक एसआईपी या 5 लाख रुपए का लंपसम निवेश, 20 साल में किससे बनेगा ज्यादा फंड?

Newsdesk

Leave a Comment

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading