नई दिल्ली ,मैरी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने कजाकिस्तान की इंटरनेशनल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (IITU) के साथ शैक्षणिक सहयोग और नई तकनीकों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते पर अल्माटी में MERI ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल और IITU की रेक्टर प्रो. गुलमिरा बेकमानोवा ने हस्ताक्षर किए। इसके तहत दोनों संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इसमें संयुक्त शोध, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है। दोनों संस्थान शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों, राजनयिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की भागीदारी से सम्मेलन, सेमिनार और गोलमेज चर्चाएं भी आयोजित करेंगे। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत और कजाकिस्तान के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना है। प्रो. ललित अग्रवाल ने दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रो. गुलमिरा बेकमानोवा ने भी इस विचार का समर्थन किया।
मैरी सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज (CIS) के प्रमुख और इंडिया सेंट्रल एशिया फाउंडेशन के निदेशक प्रो. (डॉ.) रमाकांत द्विवेदी ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा, खासकर सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में। उन्होंने IT के बढ़ते महत्व के साथ MERI के उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम और शिक्षकों की विशेषज्ञता का भी उल्लेख किया।द्विवेदी ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों और विद्वानों के साथ सहयोग के जरिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों, अंतरराष्ट्रीय कारोबार और आर्थिक अध्ययन को आगे बढ़ाने में MERI CIS की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। हस्ताक्षर समारोह में IITU के उप-रेक्टर नूरझान जुबायेव, विभिन्न संकायों के डीन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े अधिकारी, कुश अग्रवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


