June 26, 2026
सी टाइम्स
टेक्नोलॉजीराष्ट्रीयहेडलाइंस

लखनऊ में चार स्कूली छात्रों ने बनाई इलेक्ट्रिक कार

लखनऊ, 30 नवंबर (आईएएनएस)| लखनऊ के चार स्कूली छात्रों ने बैटरी से चलने वाली कारों का निर्माण किया है, जो हवा को प्रदूषित नहीं करेगी, बल्कि इसे साफ भी करेगी। उनके मुताबिक, इन कारों में डस्ट फिल्ट्रेशन सिस्टम (डीएफएस) लगा है, जो गाड़ी चलाने पर हवा को साफ करता है।

इनोवेशन के पीछे स्कूली बच्चे विराज मेहरोत्रा (11), आर्यव मेहरोत्रा (9), गर्वित सिंह (12) और श्रेयांश मेहरोत्रा (14) हैं।

कारों के पीछे का विचार देश को ध्वनि और वायु प्रदूषण से मुक्त बनाना, ईवी सेगमेंट में एक सस्ती कार पेश करना और भारत को एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने में मदद करना है।

टीम द्वारा बनाई गई तीन कारों की सबसे खास विशेषता यह है कि डस्ट फिल्ट्रेशन सिस्टम जो हवा से धूल के कणों को पकड़ता है, फुल चार्ज पर 100 किलोमीटर की रेंज, आधुनिक डिजाइन और ब्रश लेस डायरेक्ट करंट मोटर (बीएलसीडीएम) 1,000 वॉट और 1,800 वॉट क्षमता के साथ लैस है।

टीम आने वाले दिनों में इन कारों को 5जी के लिए तैयार करने पर काम करेगी।

इन कारों की एक खास बात यह है कि इन्हें सिर्फ 250 दिनों में तैयार किया गया है और इनके कई पुर्जे रिसाइकिल की गई सामग्री से बने हैं।

इसके अलावा, तीन कारें अलग-अलग आकार और डिजाइन की हैं। इनमें से एक थ्री-सीटर, दूसरा टू-सीटर और तीसरा वन-सीटर है।

उनके इनोवेशन पर बात करते हुए 10वीं कक्षा के छात्र श्रेयांश मेहरोत्रा ने कहा, “मैंने अपनी कार का नाम मर्सिएलेगो रखा है, जो स्पैनिश नाम है। मैं एलन मस्क से प्रेरणा लेता हूं, जिन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में क्रांति लाई। हवा को शुद्ध करने वाली बैटरी से चलने वाली इस कार को विकसित करने में मुझे 2 लाख रुपये लगे।”

कक्षा 6 के एक छात्र गर्वित सिंह ने कहा कि उनकी कार – जिसका नाम जीएस मोटर्स (उनके आद्याक्षर के बाद) है – वर्तमान में लेड एसिड बैटरी पर चलती है, हालांकि, वह जल्द ही इसे लिथियम बैटरी से चलने वाले वाहन में बदल देंगे। इससे कार के प्रदर्शन में सुधार होगा।

इस बीच, गर्वित के स्कूल के साथी विराज और अमित मेहरोत्रा ने कहा कि उन्हें कार बनाने में 2.93 लाख रुपये लगे।

विराज कक्षा 6 का छात्र है, जबकि अमित कक्षा 3 में पढ़ता है।

छात्रों का मिशन आई.ओ.टी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) के साथ सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और गतिशीलता को बदलने के लिए एक अति-किफायती वाहन विकसित करना है।

अन्य ख़बरें

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत, खेद जताने पर मामला बंद

Newsdesk

केतन अग्रवाल मर्डर केस : पुलिस का खुलासा, दो बार नाकाम कोशिश के बाद हत्या

Newsdesk

लचीलापन, सीखने की क्षमता और आगे बढ़ने का जज्बा ही भारत की विकास गाथा की ताकत: पीयूष गोयल

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading