June 23, 2026
सी टाइम्स
बॉलीवुडमनोरंजन

सुशांत की विरासत का विस्तार करता है ‘खुलके जीने का’ गाना: शशा तिरुपति

नई दिल्ली, 7 अगस्त | सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी आखिरी रिलीज फिल्म ‘दिल बेचारा’ में खुद पर फिल्माए गीत ‘खुलके जीने का’ में जिंदगी का जश्न मनाया है। गाने को अपनी आवाज देने वाली शशा तिरुपति को लगता है कि सकारात्मकता से प्रभावित इस गाने में दिवंगत अभिनेता की विरासत का विस्तार हुआ है।

शशा ने आईएएनएस से दिवंगत अभिनेता के बारे में कहा, “मैं काफी लंबे समय से चाह रही थी कि मैं वास्तव में सुशांत सिंह राजपूत अभिनीत फिल्म के लिए गाना गाउं और ऐसा नहीं हुआ। मैं इस बात से पूरी तरह से बेखबर थी कि ‘दिल बेचारा’ में वह मुख्य भूमिका में थे। जब उनके निधन की खबर आई और मैंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बारे में पढ़ा तो मैंने पढ़ा कि ‘दिल बेचारा’ उनकी आखिरी फिल्म थी।

उन्होंने आगे कहा, “मुझे उस पल बहुत धक्का लगा। शुरुआत में यह बहुत भावुक था, लेकिन फिर एक वक्त पर मुझे लगा कि इस गाने के बोल, जिसमें ‘खुलके जीने का तरीका तुम्हे दिखाते हैं’ बस इस बोल में ही सुशांत की विरासत का विस्तार देखा जा सकता है।”

एआर रहमान द्वारा कंपोज्ड और अमिताभ भट्टाचार्य द्वारा लिखित इस गीत को अरिजीत सिंह और शशा ने गाया है।

उन्होंने आगे कहा, “यह उन गीतों में से एक है, जिन्हें आप हमेशा वापस सुनना चाहते हैं। जब आप इसे सुनते हैं, तो आप आश्चर्य करेंगे कि इसे लेकर उन्हें (रहमान) कैसे यह विचार आया। संगीत का सामंजस्य, सूर-ताल बस एक-दूसरे को इतनी खूबसूरती से और व्यक्तिगत रूप से गले लगाते हैं। मैं अमिताभ भट्टाचार्य के काम की बहुत बड़ी प्रशंसक रही हूं।”

अन्य ख़बरें

फीफा वल्र्ड कप में परफॉर्मेंस के बाद नोरा फतेही ने कहा, मैं खुशकिस्मत रही कि मुझे करियर में यादगार पल मिले

Newsdesk

हिस्ट्रीवर्स ने एआई सीरीज विक्रम बेताल का ऐलान किया, सनातनी इतिहास यूट्यूब चैनल पर होगा प्रीमियर

Newsdesk

ग्राम्य चिकित्सालय 2 का दमदार ट्रेलर जारी, निरहुआ के भोजपुरिया अंदाज ने जीता दिल

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading